Round-up 2021: इस साल इन हादसों ने दहलाया, सैकड़ों जानें गईं, किसी का परिवार उजड़ा,किसी पर टूटा दुखों का पहाड़

Published : Dec 29, 2021, 08:00 AM IST

भोपाल : साल 2021 कई लोगों के लिए मौत बन कर आई। गुजरते साल में कई हादसों ने खौफनाक मंजर दिखाया। सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गवां दीं। इस साल किसी से मां का आंचल छीना तो किसी के सिर से पिता का साया तो वहीं कई ने अपने सामने ही अपने कलेजे को टुकड़े को खो दिया। इन हादसों ने लोगों को अंदर तक झकझोंर कर रख दिया। इन घटनाओं से देश का दिल दहल गया। आइए आपको बताते हैं ऐसी घटनाएं जिसे नए साल में हर कोई भूलना चाहेगा..

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Round-up 2021: इस साल इन हादसों ने दहलाया, सैकड़ों जानें गईं, किसी का परिवार उजड़ा,किसी पर टूटा दुखों का पहाड़

श्मशान घाट की छत गिरी, 24 मौत
साल की शुरुआत में ही दिल को दहला देने वाली घटना उत्तर-प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद (Ghaziabad) से सामने आई। जहां 3 जनवरी को मुरानगर में श्मशान घाट परिसर में छत गिरने से 24 लोगों की मौत हो गई जबकि 15 से अधिक घायल हो गए। घटना के बाद चारों तरफ कोहराम मच गया। घायलों को मलबे से निकालकर किसी तरह अलग-अलग अस्पतालों तक पहुंचाया गया।

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मजदूरों को डंपर ने कुचला, 15 मौत
19 जनवरी को गुजरात (Gujrat) में सूरत (Surat) के कोसांबा गांव के कीम रोड पर किम थाना क्षेत्र में सुबह-सुबह ही एक बेकाबू डंपर ने फुटपाथ पर सो रहे 18 श्रमिकों को कुचल दिया। हादसे में 15 मजदूरों की मौत हो गई। सभी मृतक बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के आस-पास के गांवों के श्रमिक थे।

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ग्लेशियर टूटने से तबाही
8 फरवरी को उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही मची। इस हादसे में 150 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई गई। बड़ी संख्या में शवों को बरामद किया गया। 62 लोगों के मरने की बात सामने आई लेकिन कहा गया कि यह आंकड़ा 150 के ऊपर था, क्योंकि 170 के आस-पास लोग इसमें बह गए थे। इस तबाही में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो गया।

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नहर में गिरी बस, 51 मौत
16 फरवरी को रोंगटें खड़े कर देने वाली खबर मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सीधी (Sidhi) से सामने आई। जहां नर्सिंग छात्रों से भरी बस नहर में जा गिरी। बस का कंट्रोल खोने के कारण ये हादसा हुआ। घटना के बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में 51 शव बरामद किए गए। NDRF-SDRF की टीमों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया।  

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नक्सली अटैक, 5 जवान शहीद
23 मार्च को छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की बस को बारूदी सुरंग विस्फोट कर उड़ा दिया, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए और 14 घायल हो गए। ब्लास्ट के दौरान बस में 24 जवान सवार थे। सूचना मिलते ही बैकअप फोर्स को मौके पर पहुंची। घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया।  

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नक्सली हमले में 22 जवान शहीद 
3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में एक बार फिर नक्सली हमला हुआ। बीजापुर जंगल में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुआ, जिसमें 22 जवान शहीद हो गए। बताया गया कि कुख्यात नक्सली हिडमा को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों की टीम जंगल में घुसी थी। तभी नक्सलियों ने जवानों को घेर कर गोलीबारी कर दी। जिसमें 22 जवान शहीद हो गए। जबकि कई जवान घायल हो गए थे। 
 

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आग में 700 झुग्गियां राख, दो बच्चे जिंदा जले
11 अप्रैल को नोएडा (Noida) के सेक्टर-65 में आग लगने से 700 झुग्गियां जलकर खाक हो गई और दो बच्चे जिंदा जल गए। इस भीषण आग में 3 हजार लोग बेघर हुए, वहीं भारी नुकसान भी हुआ। दमकल की 17 से अधिक गाड़ियां आग बुझाने में लगाई गई। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका था।

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ऑक्सीजन की कमी, 25 मरीजों की मौत
23 अप्रैल को नई दिल्ली (New Delhi) के गंगाराम अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 25 मरीजों की मौत हो गई। हालांकि अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा ने ऑक्सीजन की कमी की बात को नकार दिया था। उन्होंने कहा कि आईसीयू में पहले ऑक्सीजन दबाव कम हो गया था, उस दौरान हम लोगों ने मैनुअल तरह से ऑक्सीजन दी थी। लेकिन इतनी मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए थे।

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अस्पताल में आग, 14 मौत
23 अप्रैल को महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर जिले के विरार स्थित विजय वल्लभ नाम के निजी अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से वहां इलाज करा रहे 14 मरीजों को जान चली गई। इनमें 13 मरीजों की मौत उसी वक्त झुलसने से हुई थी, जबकि 80 फीसदी झुलस चुके एक मरीज ने दूसरे अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसा रात तीन बजे के करीब दूसरी मंजिल पर एयर कंडीशन में धमाके के चलते हुआ और सेंट्रलाइज एसी होने के चलते देखते ही देखते अस्पताल का आईसीयू आग की चपेट में आ गया। इस दौरान अस्पताल में कुल 90 मरीजों का इलाज चल रहा था। जिनमें 18 आईसीयू में थे। 

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ऑक्सीजन की कमी से 25 मरीजों की मौत
24 अप्रैल को दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 25 मरीजों की मौत हो गई। इस बात की जानकारी अस्पताल के वकील ने हाईकोर्ट में दी। यहां कोरोना के 215 मरीज भर्ती थे, जिसमें से कई ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। घटना के बाद देशभर में इसको लेकर खूब बवाल कटा। सरकार पर कई सवाल भी खड़े हुए।

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बार्ज पी-305 समुद्र में डूबा, 51 मौत
17 मई को मुंबई में ताउते तूफान के चलते बजरा (बार्ज) पी-305 के समुद्र में डूबने से 51 लोगों की मौत हो गई। जिस वक्त यह हादसा हुआ जहाज में 261 लोग मौजूद थे। इनमें से 186 लोगों को बचाया गया। बाकी लोग लापता हो गए थे। मुंबई पुलिस ने बार्ज के चीफ इंजीनियर की शिकायत पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। नौसेना के पोत INS कोच्चि और INS कोलकाता से शवों को मुंबई लाया गया था।

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ताउते तूफान की तबाही, 45 मौत
19 मई के दौरान कोरोना महामारी के बीच आए चक्रवाती तूफान ताउते ने गुजरात में कहर बरपाया है। गुजरात के 12 जिलों में चक्रवाती तूफान ताउते के कारण करीब 45 लोगों को मौत हो गई। चक्रवात से सबसे बुरी तरह प्रभावित सौराष्ट्र क्षेत्र में 15 लोगों की मौत हुई थी। जबकि भावनगर और गिर सोमनाथ तटीय जिलों में आठ-आठ लोगों की मौत हुई। अहमदाबाद में पांच, खेड़ा में दो, आनंद, वडोदरा, सूरत, वलसाड, राजकोट, नवसारी और पंचमहल जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।

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जहरीली शराब ने ली 109 जान
28 मई को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh) में जहरीली शराब पीने से 109 लोगों की मौत हो गई। जहरीली शराब के चलते लोधा क्षेत्र के करसुआ में 28 मई से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ था। अगले ही दिन खैर, लोधा, जवां थाना क्षेत्र के भी अलग-अगल कई गांव से भी मौतों के मामले सामने आए। चार पांच दिनों में जिले भर में करीब 109 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने इन सभी का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया। इनमें जिले के मूल निवासी 67 मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख की सहायता राशि भी दी गई। अलग-अलग थानों में दर्ज कई मुकदमों में चार्जशीट दाखिल की गई और शराब माफियाओं पर कार्रवाई हुई।

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आकाशीय बिजली का कहर, 20 मौत
7 जून को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के तीन जिलों में बिजली गिरने से 20 लोगों की मौत हो गई। बंगाल के आपदा प्रबंधन अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद और हुगली में 9-9 लोगों तथा पूर्वी मेदिनीपुर जिले में दो लोगों की मौत हो गई।

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कोविड अस्पताल में 22 मौत
8 जून को यूपी के आगरा (Agra) जिले में कोरोना महामारी को लेकर दिल दहलाने वाली बात सामने आई। जिले के एक बड़े अस्पताल पारस हॉस्पिटल पर 22 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के आरोप लगे। बताया गया कि अस्पताल के एक कातिल डॉक्टर ने मरीजों का लोड कम करने के लिए उनका मेडिकल मर्डर करना शुरू कर दिया था। इसमें वह गंभीर मरीजों की ऑक्सीजन पांच मिनट के लिए बंद कर देता था। ऐसा करने से अस्पताल में 22 मरीजों की मौत हो गई थी। पूरे मामले का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें डॉक्टर खुद अपनी घिनौनी करतूत को कबूल करता दिखाई दिया।

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इमारत ढही, 8 बच्चों समेत 11 मौत
10 जून को मुंबई (Mumbai) के मलवनी इलाके में एक मंजिला मकान के दूसरे ढांचे पर गिरने से आठ बच्चों सहित 11 लोगों की मौत हो गई और सात अन्य लोग घायल हो गए। हादसा अब्दुल हमीद रोड के न्यू क्लेक्टर कम्पाउंड का है। रात करीब सवा 11 बजे यह हादसा हुआ। दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों के कर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया था। 

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लखीमपुर खीरी हिंसा, 8 मौत
3 अक्टूबर को उत्तर-प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में  भड़की हिंसा में 4 किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी। ये घटना तिकोनिया कोतवाली क्षेत्र के तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर हुई। इस घटना में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा आशीष मिश्र मुख्य आरोपी बनाया गया। मृतक किसानों की पहचान बहराइच जिले के नानपारा निवासी दलजीत सिंह और गुरविंदर सिंह तथा पलिया-खीरी के लवप्रीत सिंह और नछत्तर सिंह के रूप में हुई। तीन बीजेपी कार्यकर्ता हरिओम, श्याम सुंदर और शुभम मिश्रा और एक स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत हो गई थी।

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जहरीली शराब ने ली 40 जान
दीपावली के दौरान बिहार (Bihar) के गोपालगंज, बेतिया और समस्‍तीपुर में जहरीली शराब का कहर टूटा। यहां जहरीली शराब पीने से 40 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद जमकर राजनीति हुई। अलग-अलग बयान सामने आए। विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर सवाल दागे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पल्ला झाड़ते नजर आए। इस कांड के बाद प्रशासन ने जमकर एक्शन लिया और खूब छापेमारी की गई। बता दें कि राज्य में शराबबंदी के बाद भी जहरीली शराब से मौतों पर जमकर बवाल हुआ।

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अस्पताल में आग, 12 नवजात की मौत
7 नवंबर को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल से एक ऐसी खबर आई जिसने सबको अंदर तक हिला दिया। यहां के हमीदिया अस्पताल में लगी आग में 12 नवजातों की मौत हो गई। हमीदिया अस्पताल परिसर के कमला नेहरू अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में शार्ट सर्किट से छोटा-सा ब्लास्ट हो गया था। इस कारण वार्ड में आग लगी और आग बढ़ती चली गई। वार्ड में काला धुआं भर गया था, चार बच्चों की मौत जिंदा जलने और दम घुटने के कारण हो गई थी। आनन-फानन में बाकी 36 बच्चों को अन्य वार्ड में शिफ्ट किया गया। बाद में मौत का आंकड़ा बढ़कर 12 तक पहुंचा।

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कून्नूर हादसा, CDS बिपिन रावत समेत 15 मौत
और जाते हुए साल के आखिरी महीने में एक खबर ने देश को बड़ा आघात पहुंचाया। 8 दिसंबर को तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य जवानों की मौत हो गई। हेलिकॉप्टर में सवार ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का हादसे के बाद से इलाज चल रहा था। 15 दिसंबर को उनका भी निधन हो गया। CDS  वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में लेक्चर देने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। 

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