मध्यप्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खोली जाएंगी, जहां छोटे किसानों को किराये पर उपकरण मिलेंगे। विधायक अपने क्षेत्रों में कृषि सम्मेलन आयोजित करेंगे। किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत सरकार कई नई योजनाएं लागू कर रही है।
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में कई नई घोषणाएं की हैं। 16 मार्च का दिन प्रदेश के किसानों के लिए खास रहा, क्योंकि अब हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खोली जाएंगी। इन दुकानों के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को खेती के लिए किराये पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में कृषि सम्मेलन भी आयोजित करेंगे।
हर विधानसभा क्षेत्र में होंगे कृषि सम्मेलन
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करीब 4 से 5 कृषि सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों के आयोजन के लिए कृषि विभाग द्वारा हर विधानसभा क्षेत्र को 5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों, योजनाओं और खेती से जुड़े नवाचारों की जानकारी देना है।
भोपाल में आयोजित हुआ अभिमुखीकरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित एक अभिमुखीकरण कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसान कल्याण वर्ष 2026 के दौरान सभी विभागों और संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
किसान कल्याण वर्ष 2026 में योजनाओं का तेज क्रियान्वयन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष 2026 के दौरान सभी विभाग मिलकर कृषि विकास और किसान कल्याण योजनाओं को जमीन पर लागू करें। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं का लाभ किसानों के साथ-साथ उनके परिवारों तक भी पहुंचे।
किसानों को 5 रुपये में बिजली कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जो किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और समर्थन को दर्शाती है।
दूध उत्पादन और पशुपालन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं और सरकार इन्हें साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में प्रदेश का दूध कलेक्शन लगभग 25 प्रतिशत बढ़ा है और अब प्रदेश में करीब 12.50 लाख लीटर दूध कलेक्शन हो रहा है। साथ ही दूध का मूल्य 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है, जिससे दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।
गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना
सरकार ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। नरवाई प्रबंधन और चारे की व्यवस्था के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और भूसा बनाने की मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा स्कूली बच्चों के लिए माता यशोदा योजना के तहत मुफ्त दूध वितरण की पहल भी की गई है।
पर्यटन और लघु उद्योगों को भी मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से विकास हो रहा है। पर्यटन विभाग ने होम स्टे योजना शुरू की है, जिसमें होम स्टे संचालकों के लिए 20 लाख रुपये तक की आय को जीएसटी से मुक्त रखा गया है। इसके अलावा लघु और कुटीर उद्योगों में शहद उत्पादन के जरिए किसान अतिरिक्त आय कमा रहे हैं।
सिंचाई और स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
राज्य सरकार प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।
कृषि कल्याण के लिए बनेगा सकारात्मक माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खुलने से छोटे किसानों को किराये पर उपकरण मिल सकेंगे, जिससे उनकी खेती आसान होगी। विधायकों द्वारा आयोजित कृषि सम्मेलन किसानों को नई योजनाओं और तकनीकों से जोड़ने में मदद करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सोलर ऊर्जा से बिजली उत्पादन से जुड़ी योजनाओं का लाभ उठाएं और लघु-कुटीर उद्योगों को भी बढ़ावा दें।


