Published : Jun 27, 2022, 10:33 AM ISTUpdated : Jun 27, 2022, 10:35 AM IST
गुवाहाटी, असम. असम में बाढ़ की स्थिति(flood situation in Assam) में सुधार हुआ है। हालांकि 25 जिलों में 5 और लोगों की मौत हो गई। करीब 22 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ASDMA) के बुलेटिन के अनुसार, बारपेटा, कछार, दरांग, करीमगंज और मोरीगांव जिलों के विभिन्न स्थानों पर चार बच्चों सहित पांच लोग डूब गए। राज्य में बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की कुल संख्या 126 हो गई है। बाजाली, बक्सा, बारपेटा, कछार, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलपारा, गोलाघाट, हैलाकांडी, नलबाड़ी, सोनितपुर, दक्षिण सालमारा, तामूलपुर और उदलगुरी जिलों में बाढ़ के कारण 22,21,500 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग सात लाख लोगों के साथ बरपेटा सबसे बुरी तरह प्रभावित है। इसके बाद नागांव (5.13 लाख लोग) और कछार (2.77 लाख से अधिक लोग) हैं। कछार, डिब्रूगढ़ और मोरीगांव जिलों में कई स्थानों पर भी बाढ़ देखी गई।
बाढ़ प्रभावित असम को पेयजल मुहैया कराएगा मिजोरम: मिजोरम ने बाढ़ प्रभावित असम को पेयजल मुहैया कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ज़ोरमथंगा ने असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा के साथ फोन पर बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की और पड़ोसी राज्य में प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल भेजने की योजना तैयार की। मिजोरम की सीमा दक्षिणी असम की बराक घाटी से लगती है, जो बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। बाढ़ के कारण पीने के पानी के स्रोतों तक पहुंच प्रभावित हुई है। जोरमथांगा ने कहा कि उनकी सरकार पीने के पानी के बैरल ट्रकों से अंतरराज्यीय सीमा से लगे वैरेंगटे तक पहुंचाने को तैयार है, जहां से सुविधानुसार उन्हें प्रभावित इलाकों में भेजा जा सकता है। सरमा ने ज़ोरमथांगा को उनके इशारे के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वह कछार के उपायुक्त से बात करेंगे और अधिकारी से मिजोरम से आने वाले पेयजल के वितरण की व्यवस्था करने के लिए कहेंगे। मिजोरम आपदा प्रबंधन और पुनर्वास मंत्री लालचमलियाना ने कहा कि इस बीच, सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (सीवाईएमए) ने 14,000 लीटर बोतलबंद पेयजल दान किया है, जिसे असम में बाढ़ प्रभावित सिलचर में भेजा गया है।
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सिलचर: पिछले दिनों अपने सर्वेक्षण के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन किया था।
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कामरूप: राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों ने कामरूप जिले में बाढ़ प्रभावित इलाके से लोगों को बचाया था।
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कछार में सिलचर और कामरूप में हाजो का दौरा किया और राहत और बचाव कार्यों में शामिल एजेंसियों को अपनी पहुंच बढ़ाने और जल्द से जल्द मदद करने के निर्देश जारी किए। CM ने माना कि एक सप्ताह से बाढ़ के पानी में डूबे सिलचर शहर में प्रशासन अभी तक सभी फंसे हुए लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। सरमा ने कहा कि लगभग प्रशासन का 50 प्रतिशत काम परोपकारी संगठनों और लोगों द्वारा किया जा रहा है।
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ASDMA ने कहा कि वर्तमान में, 2,542 गांव पानी में डूबे हुए हैं और पूरे असम में 74,706.77 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
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23 जिलों में 680 राहत शिविर और वितरण केंद्र संचालित कर रहे हैं, जहां 61,878 बच्चों सहित 2,17,413 लोग रुके हुए हैं। सेना, अर्धसैनिक बल, एनडीआरएफ, नागरिक प्रशासन, प्रशिक्षित स्वयंसेवकों, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों और स्थानीय लोगों ने राज्य के विभिन्न बाढ़ प्रभावित हिस्सों से 1,912 लोगों को निकाला है।
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एएसडीएमए ने कहा कि कई जिलों से बाढ़ के पानी के कारण तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर कटाव और क्षति हुई है। 15 जिलों में बाढ़ से कुल 15,90,557 घरेलू जानवर और कुक्कुट प्रभावित हुए हैं।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, कामरूप जिले के हाजो में रविवार को बारालिया नदी के समुख तटबंध के टूटने के बाद हुए नुकसान का निरीक्षण करने के लिए बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ बातचीत करते हुए।
केंद्रीय जल आयोग के बुलेटिन का हवाला देते हुए ASDMA ने कहा कि धरमतुल में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। तस्वीर- भारतीय वायु सेना के जवानों ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री वितरित की।