Published : Dec 15, 2021, 01:56 PM ISTUpdated : Dec 15, 2021, 03:35 PM IST
भोपाल। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कुन्नूर (Coonoor) में हुए हेलिकॉप्टर हादसे (Helicopter Crash) के 7 दिन बाद ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह (Group Captain Varun Singh) का निधन हो गया। डॉक्टर्स के काफी प्रयासों के बाद भी वरुण की हालत में खास सुधार नहीं हो सका और बेंगलुरु के अस्पताल में बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) ने ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी दी। एयरफोर्स ने कहा कि ग्रुप कैप्टन वरुण ने गंभीर चोटों के वजह से दम तोड़ दिया। बता दें कि 8 दिसंबर को वरुण को हेलिकॉप्टर हादसे में घायल होने के बाद पहले वेलिंगटन के आर्मी अस्पताल में भर्ती किया गया था। बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेंगलुरु शिफ्ट किया गया था। इस हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat), उनकी पत्नी मधुलिता समेत 13 जवानों की मौत हो गई थी। आइए जानते हैं कैप्टन वरुण के परिवार के बारे में...
गैलेंट्री अवॉर्ड विनर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह (42 साल) सैन्य परिवार से आते थे। उनका परिवार तीनों सेनाओं से जुड़ा है- जल (Navy), थल (Army) और नभ (Air Force)। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह इंडियन एयरफोर्स (IAF) से थे। उनके पिता रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह आर्मी एयर डिफेंस (AAD) रेजिमेंट में थे और मध्य प्रदेश के भोपाल में पत्नी समेत रहते हैं। कर्नल केपी सिंह के दूसरे बेटे लेफ्टिनेंट कमांडर तनुज सिंह इंडियन नेवी में हैं। वरुण का परिवार मूलरूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया का रहने वाला है। वहां परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। इस घटना की सूचना मिलने के बाद सबसे पहले ग्रुप कैप्टन वरुण के छोटे भाई तनुज अपनी मां उमा सिंह के साथ वेलिंगटन के हॉस्पिटल पहुंचे थे।
210
वरुण को इसी साल स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। उन्हें ये अवॉर्ड फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बाद भी 10 हजार फीट की ऊंचाई से तेजस विमान की सफल लैंडिंग कराने पर दिया था। वरुण ने आपदा के समय धैर्य नहीं खोया और आबादी से दूर ले जाकर विमान की सफल लैंडिंग कराई थी। इस घटना के बाद वरुण के पिता कर्नल केपी सिंह ने कहा था कि मेरा बेटा बहुत बहादुर है। वह परिस्थितियों से लड़ना और जूझना जानता है।
310
बता दें कि इस हादसे से कुछ दिन पहले ही वरुण के पिता केपी सिंह (KP Singh) छोटे बेटे तनुज सिंह की बेटी के बर्थडे में शामिल होने के लिए मुंबई गए थे। वहीं उन्हें हादसे की जानकारी मिली थी। इधर, भोपाल में वरुण के पिता के पड़ोस में रहने वाले लोगों ने भी दुख जताया है। इन लोगों का कहना था कि हम सभी लोग वरुण के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थनाएं कर रहे थे।
410
वरुण के पिता केपी सिंह भोपाल की कोर 24 से रिटायर्ड होने के बाद यहीं बस गए। वे भोपाल की एयरपोर्ट स्थित सनसिटी कॉलोनी के इनरकोर्ट अपार्टमेंट की पांचवी मंजिल पर रहते हैं। सिंह के पड़ोसी और लेफ्टिनेंट कर्नल ईशान आर ने बताया कि तीन सप्ताह पहले ही वरुण भोपाल आए थे और 10 दिन तक यहीं रुके थे।
510
वरुण ने भोपाल में पड़ोस में रहने वाले सभी लोगों से मुलाकात की थी। वरुण काफी मिलनसार स्वभाव के थे। वरुण सिंह के परिवार में पत्नी गीतांजलि और बेटा रिद्धिमन, बेटी आराध्या है। उन्हें सीडीएस बिपिन रावत को रिसीव करने के लिए प्रोटोकॉल ऑफिसर बनाया गया है। वरुण ने चंडीगढ़ के चंडी मंदिर स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद साल 2004 में उनका एनडीए में सिलेक्शन हो गया।
610
वरुण सिंह देवरिया के कन्हौली गांव के रहने वाले थे और फाइटर पायलट थे। साल 2007 से 2009 तक उनकी गोरखपुर में पोस्टिंग रही। वह जगुआर फाइटर प्लेन उड़ाते रहे हैं। गोरखपुर से उनका हैदराबाद तबादला हुआ था। इन दिनों तमिलनाडु के वेलिंगटन में तैनाती थी। यहीं पत्नी और बच्चे रहते हैं। वेलिंगटन स्थित डिफेंस एकेडमी के कार्यक्रम में सीडीएस रावत को हिस्सा लेना था, कैप्टन उनके साथ जा रहे थे।
710
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह के भतीजे हैं। 12 अक्टूबर 2020 को फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बावजूद वरुण ने करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई से विमान की सफल लैंडिंग कराई थी।
810
इसके लिए 15 अगस्त को राष्ट्रपति ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। वरुण के चाचा अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि सेना के अधिकारियों द्वारा हादसे में वरुण के घायल होने की सूचना मिली थी।
910
शौर्य चक्र मिलने के एक महीने बाद सितंबर 2021 में वरुण ने उस स्कूल को चिट्ठी लिखी थी जहां से उन्होंने पढ़ाई पूरी की थी। इस चिट्ठी में वरुण ने बताया था कि वह कितने साधारण स्टूडेंट थे और कैसे उन्होंने खुद को एक शानदार करियर और असाधारण जिंदगी के लिए तैयार किया। उस चिट्ठी में उन्होंने स्टूडेंट्स के लिए ऐसी 5 बड़ी सीख दी थी जो हम सभी को एक शानदार करियर, लाजवाब शख्सियत और जीवन में ढेरों उपलब्धियों के लिए प्रेरित कर सकती है।
1010
वरुण के पिता पांच भाई...
कैप्टन वरुण सिंह (42 साल) का जन्म दिल्ली में हुआ है। वरुण के पिता पांच भाई हैं, इनमें से दिनेश प्रताप सिंह अधिवक्ता हैं, जो डीजीसी रहे। उमेश प्रताप सिंह रिटायर्ड इंजीनियर है। कृष्ण प्रताप सिंह रिटायर्ड कर्नल हैं। रमेश प्रताप सिंह रिटायर्ड कर्नल हैं।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.