क्या DU प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पॉल की हत्या प्रॉपर्टी विवाद की सोची-समझी साजिश थी? क्या बर्धमान से आए कपल ने पहले से ही इस हत्या की पूरी योजना बनाई थी? बच्चे को बाहर छोड़ना क्या अपराध को छिपाने की रणनीति का हिस्सा था? क्या इस केस में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल है, जो अब तक सामने नहीं आया? पुलिस गहराई से सच खंगाल रही है।

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के एकेडमिक जगत को हिलाकर रख देने वाले असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. देबोस्मिता पॉल मर्डर केस में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है, जिसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। पूर्वी दिल्ली के पॉश इलाके वसुंधरा एन्क्लेव में हुई इस बेरहम हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले से एक संदिग्ध कपल (पति-पत्नी) को गिरफ्तार किया है। कई राज्यों में चले एक हाई-वोल्टेज और गुप्त तलाशी अभियान के बाद मिली इस कामयाबी ने एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश किया है।

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अपार्टमेंट में मिली लाश: आखिर 42 वर्षीय प्रोफ़ेसर के साथ क्या हुआ?

यह खौफनाक दास्तान गुरुवार को शुरू हुई, जब 42 वर्षीय डॉ. देबोस्मिता पॉल पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित अपने फ्लैट में रहस्यमयी हालातों में मृत पाई गईं। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर थीं और अपने छात्रों व सहकर्मियों के बीच बेहद लोकप्रिय थीं। शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन जब फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, तो साफ हो गया कि यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि एक बेरहम कत्ल था। इस खबर के फैलते ही पूरी यूनिवर्सिटी और एकेडमिक सर्किल में हड़कंप मच गया। हर तरफ से कातिलों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजने की मांग उठने लगी।

रोंगटे खड़े कर देने वाली थ्रिलर: फ्लैट के बाहर बच्चे को छोड़, अंदर किया कत्ल!

जब दिल्ली पुलिस ने तफ्तीश की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया और सीसीटीवी (CGI) फुटेज खंगाले, तो एक ऐसी बात सामने आई जो किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है। पुलिस ने शनिवार को खुलासा किया कि गिरफ्तार आरोपी कपल पीड़िता डॉ. पॉल को पहले से जानता था और खास तौर पर इसी वारदात को अंजाम देने के लिए पश्चिम बंगाल से दिल्ली आया था। साजिश का सबसे खौफनाक पहलू: जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी पति-पत्नी अपराध वाले दिन डॉ. पॉल के फ्लैट पर पहुंचे। उनके साथ एक छोटा बच्चा भी था। फ्लैट के भीतर दाखिल होने से ठीक पहले, दोनों ने उस मासूम बच्चे को अपार्टमेंट की लॉबी में बाहर ही छोड़ दिया। इसके बाद वे अंदर गए, दरवाजा बंद किया और डॉ. पॉल पर जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना खौफनाक था कि प्रोफ़ेसर को संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कत्ल के बाद दोनों बच्चे को समेटकर दिल्ली से रफूचक्कर हो गए।

नाना की जमीन और 'ब्लैक मनी' का खेल: क्यों लिखी गई मौत की इबारत?

आखिर एक पढ़ी-लिखी प्रोफ़ेसर से किसी को ऐसी क्या दुश्मनी हो सकती थी कि उनके खून से हाथ रंगने पड़े? पुलिस के मुताबिक, इस क्रूर हत्याकांड के पीछे करोड़ों रुपये का एक पुराना प्रॉपर्टी विवाद (Property Dispute) है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि विवाद पश्चिम बंगाल में स्थित प्रोफ़ेसर देबोस्मिता पॉल के नाना की कीमती जमीन और संपत्ति से जुड़ा हुआ था। गिरफ्तार कपल कथित तौर पर जाली दस्तावेजों या दबाव के जरिए उस बेशकीमती प्रॉपर्टी को पूरी तरह हथियाने और बेचने की कोशिश में लगा था। हालांकि, डॉ. पॉल उनके इस काले कारनामे के आगे चट्टान बनकर खड़ी हो गई थीं। उन्होंने जमीन बेचने के हर प्रयास का कड़ा विरोध किया था, जिसने आरोपियों के भीतर इस खूनी रंजिश को जन्म दिया।

कई राज्यों में नाकेबंदी और बर्धमान से गिरफ्तारी: अब आगे क्या?

वारदात को अंजाम देकर आरोपी कपल को लगा कि वे दिल्ली पुलिस की नजरों से बच निकलेंगे, लेकिन पुलिस की स्पेशल टीम ने उनके मोबाइल लोकेशन और खुफिया इनपुट्स के जरिए उनका पीछा करना नहीं छोड़ा। दिल्ली पुलिस ने कई राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर जाल बिछाया और आखिरकार पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में घेराबंदी करके दोनों को धर दबोचा। फिलहाल दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाए जाने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। दिल्ली पुलिस अब इनके बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड और जमीनी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साबित किया जा सके कि यह एक 'प्री-प्लान्ड कोल्ड-ब्लडेड मर्डर' था। पुलिस को यह भी शक है कि दिल्ली में इस कपल की मदद करने या रेकी करने में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनके चेहरों से बहुत जल्द नकाब उठना तय है।