अमीरी के पीछे खौफनाक राज! मैसूर में संपन्न बिजनेसमैन ने सोते समय पत्नी और दो बेटियों का घोंटा दम, फिर खुद दी जान। सुसाइड नोट में 'आखिरी इच्छाओं' का सस्पेंस, क्या कर्ज बना वजह?
Karnataka Businessman Suicide Case: कर्नाटक के मैसूर जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। हुंसुर शहर के न्यू मारुति लेआउट में रहने वाले एक संपन्न बिजनेसमैन ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों की बेरहमी से हत्या करने के बाद खुद भी मौत को गले लगा लिया। मंगलवार की दोपहर जब इस खौफनाक मंजर का खुलासा हुआ, तो हर कोई दंग रह गया।
सन्नाटे को चीरती हुई चीख: कैसे हुआ इस खौफनाक मंजर का खुलासा?
यह दिल दहला देने वाली घटना हुंसुर टाउन पुलिस थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, गाड़ियों की रीसेल और रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार करने वाले हरीश (उम्र में विरोधाभासी रिपोर्ट: 39/49 वर्ष) अपनी पत्नी निश्चिता (36/37 वर्ष) और दो बेटियों-नेक्सा/निकशिता (13/14 वर्ष) तथा रक्षा (6/8 वर्ष) के साथ मारुति लेआउट में रहते थे। घटना वाले दिन हरीश के एक करीबी दोस्त ने उन्हें फोन किया। जब लंबे समय तक परिवार के किसी भी सदस्य की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, तो दोस्त को किसी अनहोनी का शक हुआ। उसने तुरंत दोपहर के समय स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। बिस्तर पर पत्नी और दोनों बेटियों की लाशें पड़ी थीं, जबकि हरीश का शव पहली मंजिल पर फंदे से लटक रहा था।
मर्डर का वह सनकी तरीका: जब सोते समय ही छीन ली गईं सांसें
शुरुआती तफ्तीश और फॉरेंसिक जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली और खौफनाक हैं। माना जा रहा है कि हरीश ने इस खूनी खेल को देर रात अंजाम दिया, जब उसकी पत्नी और दोनों बच्चियां गहरी नींद में सो रही थीं। अपराधी ने बेहद शातिराना और क्रूर तरीका अपनाया। हरीश ने सोते समय ही अपनी पत्नी निश्चिता और दोनों बेटियों के मुंह और नाक पर भारी पैकेजिंग टेप को बेरहमी से चिपका दिया। बच्चियों को संभलने या शोर मचाने का मौका तक नहीं मिला और दम घुटने (Asphyxiation) के कारण तड़प-तड़पकर बिस्तर पर ही उनकी मौत हो गई। इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हरीश घर की पहली मंजिल पर बने एक कमरे में गया और वहां फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
'मेरी आखिरी इच्छाएं': सुसाइड नोट में छिपे मौत के गहरे राज
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ एक बेहद महत्वपूर्ण सुसाइड नोट लगा है, जिसने इस पूरे मामले को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया है। इस नोट की शुरुआत में ही सबसे ऊपर लिखा था-"मैं ऊपर वाले कमरे में फांसी लगा रहा हूं।" इसके ठीक नीचे हरीश ने एक विशेष हेडिंग डाली थी, जिसका नाम था-"मेरी आखिरी इच्छाएं"। इस हेडिंग के तहत हरीश ने अपनी करोड़ों की संपत्ति, भारी-भरकम बैंक लोन और अपनी बाकी बची प्रॉपर्टीज को अपनी जान-पहचान के लोगों और रिश्तेदारों में बांटने को लेकर सिलसिलेवार तरीके से वसीयत जैसी बातें लिखी थीं। पुलिस ने इस सुसाइड नोट को अपने कब्जे में ले लिया है और इसकी हैंडराइटिंग की जांच कराई जा रही है।

अमीरी का मुखौटा या कर्ज का जाल: आखिर क्या थी इस सामूहिक मौत की वजह?
हुंसुर पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि आखिर हरीश ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया? शुरुआती जांच में यह बात साफ हुई है कि हरीश आर्थिक रूप से बेहद संपन्न था। वह गाड़ियों की रीसेल के साथ-साथ रियल एस्टेट के बड़े कारोबार से जुड़ा था और कई बेशकीमती संपत्तियों का मालिक था। लेकिन इस अमीरी के मुखौटे के पीछे कर्ज का एक गहरा दलदल भी छिपा था। जांचकर्ताओं को पता चला है कि हाल ही में बैंकों ने हरीश के बड़े लोन डिफॉल्ट के कारण उसकी दो मुख्य प्रॉपर्टीज को सीज (ज़ब्त) कर लिया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सिर्फ दो संपत्तियों के जब्त होने से कोई इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकता, क्योंकि हरीश के पास इसके अलावा भी काफी दौलत थी। मैसूर के एसपी मल्लिकार्जुन बलादंडी ने मौके का मुआयना करने के बाद बताया कि इस खूनी कदम के पीछे की असली वजह का अभी तक पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या वह किसी गुप्त मानसिक तनाव में था या बिजनेस में कोई और बड़ा धोखा हुआ था।
वो तीन दिन पहले का इत्तेफाक: किस्मत से बच गई बूढ़ी मां की जान
इस पूरी त्रासदी में एक अजीब इत्तेफाक भी सामने आया है। हरीश की बुजुर्ग मां भी इसी मारुति लेआउट वाले घर में अपने बेटे-बहू और पोतियों के साथ रहती थीं। लेकिन इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात से ठीक तीन दिन पहले, वह किसी रिश्तेदार के घर मिलने गई हुई थीं। अगर वह उस रात घर पर होतीं, तो शायद वह भी इस खूनी सनक का शिकार हो जातीं, या फिर शायद यह वारदात टल जाती। फिलहाल, हुंसुर टाउन पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तफ्तीश के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस हरीश के बैंक खातों, लोन के दस्तावेजों और कॉल डिटेल्स को खंगाल रही है ताकि इस खौफनाक सामूहिक मौत के पीछे की असली पहेली को सुलझाया जा सके।


