Published : May 04, 2020, 02:25 PM ISTUpdated : May 04, 2020, 06:53 PM IST
पंचकुला. जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आंतकवादियों से हुए मुठभेड़ में रविवार को सेना के 2 अफसर समेत 5 जवान शहीद हो गए थे। इन पांच शहीदों में पंचकुला के मेजर अर्जुन सूद भी शामिल हैं। अर्जुन सूद के पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद ने मेजर अनुज से चार दिन पहले ही फोन पर बात की थी। दोनों के बीच घर वापस आने को लेकर बात हुई थी। मेदजर अनुज ने पिता से कहा था कि लॉकडाउन खत्म होते ही वह वापस घर आएंगे। लेकिन रविवार को जब पिता को बेटे के शहीद होने की सूचना मिली तो परिवार को एक पल के लिए यकीन ही नहीं हुआ। परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपने लाल के शहीद होने की खबर सूनकर सबका बुरा हाल है। रिश्तेदारों कह रहें कि 'वह तो 3 मई के बाद घर आने वाला था, यकीन नहीं होता कि तिरंगे में लिपटकर आएगा'
मेजर अनुज की शादी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की रहने वाली आकृति के साथ हुई थी। आकृति पुणे की एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। आकृति लॉकडाउन से पहले पंचकुला से अपने मायके कांगड़ा गई थी। हालांकि वह अंतिम दर्शन के लिए पति के पास आना चाहती हैं।
210
शादी के 4 महीने बाद ही निकल गए ऑपरेशन पर
अनुज के पिता ने बताया कि 2017 में आकृति के साथ उनकी शादी हुई थी। शादी के बाद वह वापस चले गए थे। आकृति उनके साथ नहीं जा पाई थी क्योंकि जहां अनुज तैनात थे वहां वह उसे साथ नहीं रख सकते थे। दोनों ने दो वर्षों में चार महीने ही साथ बिताया। दोनों के अभी कोई बच्चे नहीं हैं।
310
पिता ने बताया कि अनुज के इस बार घर आने को लेकर वह बहुत उत्सुक थी। उसे पता था कि लॉकडाउन के बाद अनुज घर आने वाले हैं और वह एक-एक दिन गिन रही थी। उनके शहीद होने की सूचना पर उसे यकीन नहीं हो रहा।
410
बेटे की शहादत पर गर्व पर बहू के लिए दुख
मेजर अनुज के पिता चंद्रकांत सूद ने बताया कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है, हालांकि उन्हें अपनी बहू के लिए दुख है। उसकी उम्र बहुत छोटी है। दोनों ने बहुत ही कम समय साथ बिताया।
510
उन्होंने बताया कि जब उनकी अनुज से बात हुई थी तो दोनों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई थी कि इस बार हंदवाड़ा से आने के बाद वह अपनी पैरंट यूनिट गुरदासपुर में ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स जॉइन कर लेंगे। इस बात को लेकर पूरा परिवार खुश था कि अनुज घर के पास आ जाएंगे तो आकृति और अनुज साथ रह सकेंगे।
610
पिता बोले-हर समय सेना में भर्ती होने की बात करता था
शहीद मेजर के पिता रिटा. ब्रिगेडयर सीके सूद का कहना है कि उनका बेटा हर समय सेना में भर्ती होने की बात कहता रहता था। वे बताते है कि जब वे अपनी सेना की वर्दी को उतार कर रखते थे तो अनुज उस वर्दी को निहारते रहता था और कहता था एक दिन मैं भी सेना में भर्ती हो जाऊंगा।
710
हमेशा रहे क्लास टॉपर
एनडीए में मेजर सूद ने कीर्तिमान स्थापित किया। 6 बार वे अपने अनुशासन और इंटेलिजेंस के चलते अव्वल रहे। इन्फैंट्रीमैन होने के बावजूद उन्होंने आईआईएससी बेंगलुरु से एमटेक किया और डिस्टिंक्शन मार्क से टॉप किया।
810
आईआईटी में हुआ था चयन पर देश सेवा की थी चाहत
मेजर अनुज सूद की प्रारंभिक पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल लखनऊ में हुई। अनुज का चयन आईआईटी में हो गया था लेकिन वह पिता की तरह देश की सेवा करना चाहते थे। उन्होंने एनडीए की प्रवेश परीक्षा पहली बार में ही पास कर ली। मेजर अनुज हंदवाड़ा में 21 राष्ट्रीय रायफल में तैनात थे। उनकी मां सुमन सूद यमुनानगर के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उनकी बड़ी बहन ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं और छोटी बहन भी आर्मी मे ही हैं।
910
पंचकूला में होगा अंतिम संस्कार
सूद परिवार लगभग 8 महीने पहले पंचकूला स्थित अमरावती एन्क्लेव में रहने आया था। घर अभी निर्माणाधीन है। मेजर अनुज सूद का पार्थिव शरीर सोमवार को ही पंचकूला पहुंचेगा। मनीमाजरा स्थिति श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
1010
ऑपरेशन में शहीद हुए 5 जवान
कुपवाड़ा जिले के हंदवाडा में आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन में सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान शामिल थे। घर में बंधक बने नागरिकों को छुटाने के लिए सेना के कर्नल और कमांडिंग ऑफिसर ने खुद मोर्चा संभाला। उनके साथ मेजर अनुज सूद, नायक राजेश और लांस नायक दिनेश, पुलिस में सब-इंस्पेक्टर शकील काजी घर में घुसे।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.