योगेंद्र ने कहा कि उधर पाक के जवान लगातार फायरिंग कर रहे थे, ग्रेनेड फेंक रहे थे। वे बेहद करीब आ गए और भारतीय जवानों को चारों तरफ से घेरकर अटैक कर दिया। पल भर में सबकुछ खत्म हो गया, उनके सभी साथी शहीद हो गए। उनकी नजर में तो खुद योगेंद्र भी मर चुके थे। लेकिन, वो जिंदा था, बेहोश पड़ा थे। उनके कमांडर ने कहा कि जरा चेक करो इनमें से कोई जिंदा तो नहीं है। वो आकर एक-एक को गोलियां मारने लगे। उन्होंने योगेंद्र के पैर और हाथ में गोली मारी, लेकिन उन्होंने आह तक नहीं किया, चुपचाप दर्द सहते रहे।