नई दिल्ली. देश और दुनिया में कोरोना का संकट जारी है। जिससे निपटने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। इन सब के बीच कोरोना का संक्रमण हर रोज अलग-अलग रूप में सामने आ रहा है। कोरोना वायरस से जोड़कर देखी जा रही बच्चों की एक दुर्लभ बीमारी ने भारत में भी दस्तक दे दी है। डॉक्टरों का कहना है कि जो बच्चे मल्टी सिस्टम इंफ्लामेंट्री सिंड्रोम से परेशान हैं, उन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है और शायद उन्हें अस्पताल में भी भर्ती करने की जरूरत पड़े। बच्चों में पाया जाने वाला ये सिंड्रोम कोरोना वायरस का एक गंभीर लक्षण हो सकता है। यह लक्षण कोरोना वायरस के आम लक्षणों से बिल्कुल अलग है।
भारत के बच्चों में भी इस सिंड्रोम के लक्षण दिखना शुरू हो रहे हैं। कोरोना वायरस से जुड़े ये लक्षण चेन्नई में एक आठ साल के बच्चे में देखे गए जिसके बाद उसे आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि, अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।
210
अमेरिका के सीडीसी द्वारा आयोजित एक बैठक में डॉक्टर ने बताया कि इसके लक्षण कोरोना वायरस के स्पष्ट लक्षणों की तरह नहीं हैं और इसमें पेट दर्द के साथ-साथ, उल्टी, बुखार और शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं।
310
COCA की ब्रीफिंग में डॉक्टरों ने कहा, 'इस नए सिंड्रोम से कई बच्चों के दिल को नुकसान पहुंचा है और उन्हें तत्काल इलाज की जरूरत महसूस हुई है। डॉक्टरों का मानना है कि स्पष्ट रूप से इसमें Covid-19 की भूमिका है, भले ही कई बच्चों में इसके टेस्ट नेगेटिव आएं और उनमें इंफेक्शन जैसे लक्षण ना दिखें।
410
ये सिंड्रोम Covid-19 के संक्रमण के दो से छह सप्ताह बाद दिखाई देना शुरू होता है और ज्यादातर उन बच्चों में होता है जो पहले से बिल्कुल स्वस्थ थे। CDC ने पिछले सप्ताह एक चेतावनी जारी की थी, जिसमें बाल रोग विशेषज्ञों को ऐसे मामलों के प्रति सचेत रहने को कहा था।
510
न्यू यॉर्क के नॉर्थवेल हेल्थ में पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर के हेड डॉक्टर जेम्स श्नाइडर ने CDC की ब्रीफिंग में कहा, 'यहां चौंकाने वाली एक बात यह है कि इस समूह में, लगभग आधे बच्चों में पहले से ही कोरोनरी आर्टरी समस्या थी। उन्होंने कहा कि क्योंकि ये बच्चे पहले स्वस्थ थे तो हो सकता है कि ये समस्या MIS-C की वजह से हुई हो। संभवतः कोरोना वायरस के इम्यून रिस्पांस में देरी की वजह से।
610
डॉक्टर जेम्स श्नाइडर ने सलाह दी कि 'घर पर किसी भी बच्चे को बुखार, पेट में दर्द या शरीर पर चकत्ते और कंजक्टिवाइटिस जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, उन्हें तुरंत किसी बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।'
710
अमेरिका के बच्चों में ये मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। टेक्सास के कुक चिल्ड्रन मेडिकल सेंटर में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निकोलस रिस्टर ने कहा कि उन्होंने इस तरह के लक्षणों वाले कई बच्चों की जांच की है। इनमें से ज्यादातर बच्चों का कहना था कि यह बहुत भयानक है और उन्हें कई तरह का दर्द महसूस हो रहा था।
810
डॉक्टर निकोलस ने ब्रीफिंग में बताया कि इन बच्चों के शरीर में सूजन देखी गई, विशेष रूप से हाथों, पैरों और यहां तक कि मुंह में भी। उन्होंने कहा, 'हमारे सबसे बड़ी चिंता बच्चों को लेकर है, जिनके दिल के आस-पास काफी सूजन हो जाती है।'
910
हाल ही में हुई एक स्टडी में पता चलता है कि कुछ हालातों में बीमार व्यक्ति के साथ बात करने पर भी आप कोविड 19 के शिकार हो सकते हैं। फिर भले ही मरीज बेहद मामूली लक्षणों का सामना क्यों न कर रहा हो। स्टडी में पता चला है कि खांसने या छींकने के अलावा बात करने से भी हजारों वायरल बूंदे निकल सकती हैं।
1010
द प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि कम लक्षण वाले मरीज भी ऑफिस, नर्सिंग होम जैसी छोटी जगहों पर दूसरों तक संक्रमण पहुंचा सकता है। इस स्टडी को अभी वास्तविक हालातों में किया जाना होगा। हालांकि डॉक्टर्स को अभी भी यह पता नहीं चल सका है कि किसी को संक्रमित करने के लिए कितने वायरस की जरूरत पड़ती है। लेकिन इससे यह साफ होता है कि मास्क के उपयोग से बीमार होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.