कोरोना की वजह से पिता का अंतिम संस्कार नहीं कर सका शख्स, कहा, मैं अस्पताल में बैठा सिर्फ रो रहा था

Published : Mar 14, 2020, 06:49 PM ISTUpdated : Mar 14, 2020, 06:58 PM IST

नई दिल्ली. दुनियाभर से कोरोना वायरस की डराने वाली तस्वीरें और खबरें आ रही हैं। लेकिन केरल से आई एक कहानी भावुक कर देने वाली है। बेटा कतर में नौकरी करता था। पिता भारत में रहते थे। बेटे को खबर मिली कि पिता बीमार हैं। वह घर के लिए निकला, लेकिन रास्ते में ऐसा कुछ हुआ कि वह पिता के पास न आ सका। कुछ देर बाद पता चला कि पिता का निधन हो गया। इस बुरी खबर के मिलने के बाद भी बेटा पिता के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंच सका। फेसबुक के जरिए उस बेटे ने अपना दर्द बयां किया।   

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कोरोना की वजह से पिता का अंतिम संस्कार नहीं कर सका शख्स, कहा, मैं अस्पताल में बैठा सिर्फ रो रहा था
"7 मार्च को मैसेज मिला, पिता जी बीमार हैं"- कहानी केरल में रहने वाले शख्स की है, जो कतर में रहकर नौकरी करता था। उसने बताया, "7 मार्च को उसे अपने भाई का मैसेज मिला कि तुरंत कॉल करे। मैसेज देखने के बाद फोन किया तो पता चला कि पिता जी सोने के दौरान बिस्तर से गिर गए। इस वजह से इंटर्नल ब्लीडिंग हो रही है। ऑफिस को इन्फॉर्म कर तुरन्त केरल के लिए फ्लाइट बुक कर ली।"
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"कोच्चि एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग हुई" - "फ्लाइट पकड़ मैं कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचा तो कोरोना के डर से स्क्रीनिंग की गई। निगेटिव आने पर मुझे वहां से छोड़ दिया गया। मैं तुरन्त पिता से मिलने हॉस्पिटल पहुंचा। लेकिन हॉस्पिटल के बाहर ही खांसी शुरू हो गई। गले में खुजली महसूस हुई। लेकिन मैंने गंभीरता से नहीं लिया।"
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"डॉक्टर से मिला तो मुझे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया"- "परेशानी होने पर मैं डॉक्टर से मिला। डॉक्टर ने बताया कि कतर के कई हिस्सों में कोरोना फैला है। मुझे तुरंत आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। कुछ दिनों बाद मुझे खबर मिली को इलाज के दौरान पिता जी ने दम तोड़ दिया।"
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"पिता के शव को दूर से ले जाते वक्त देखा"- "पिता और मैं एक ही हॉस्पिटल में थे। लेकिन आइसोलेटेड प्रोटोकॉल की वजह से पिता से नहीं मिल सका। अगले दिन पिता के शव को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में लाया गया। मैं पिता को आइसोलेशन वार्ड की खिड़की से एंबुलेंस में ले जाते वक्त ही देख पाया।" (पिता की तस्वीर)
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"वीडियो कॉल पर पिता के शव को देखा"- "मैंने पिता के शव को आखिरी बार वीडियो कॉल पर भाई से बात करते हुए देखा। उनका अंतिम संस्कार नहीं कर सका। मुझे पता है कि मुझे कोरोना वायरस नहीं है। फिर भी मैं डॉक्टर्स का पूरा साथ दूंगा।" (फैमिली फोटो)
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"मैं हॉस्पिटल में सिर्फ रो सकता था"- "मैं अस्पताल के लोगों से पूछा था कि क्या मैं उन्हें देख सकता हूं। उन्होंने मना कर दिया। मैं इस वक्त सिर्फ रो सकता था। मेरे लिए यह बहुत मुश्किल पल था। मैं पिता के बहुत करीब था। इसके बावजूद उन्हें आखिरी बार देख नहीं पाया।"
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हॉस्पिटल के बाहर की तस्वीर।
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यह है वीडियो कॉल का स्क्रिन शॉट। जब आखिरी बार पिता के शव को देखने के लिए वीडियो कॉल किया था।
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पिता के फ्यूनरल का विज्ञापन। सभी को बुलाया गया, लेकिन खुद बेटा नहीं पहुंच सका।
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अस्पताल के बाहर की तस्वीर। इसी एंबुलेंस में पिता के शव को ले जाया गया।

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