Published : Jun 03, 2020, 08:56 AM ISTUpdated : Jun 03, 2020, 09:24 AM IST
नई दिल्ली. देश और दुनिया में कोरोना का संकट बढ़ता जा रहा है। जिसे रोकने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने संक्रमण के इलाज के लिए रेमडेसिवीर को मंजूरी दे दी है। हालांकि, फिलहाल इसके इस्तेमाल को सीमित किया है। इसे कोरोना के सस्पेक्टेड या कन्फर्म मरीजों को पांच दिन तक दिया जा सकता है, लेकिन सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही इसका प्रयोग किया जाएगा।
भारत में इसे इंजेक्शन के रूप में अप्रूवल दिया गया है। इंजेक्शन सिर्फ प्रिस्क्रिप्शन पर मिलेगा और अस्पताल या इंस्टीट्यूशनल सेटअप में ही उसका यूज होगा। नॉर्मली मरीजों को 10 दिन के लिए यह दवा दी जाती है मगर भारत में यह समय पांच दिन रखा गया है।
210
इबोला के लिए इस्तेमाल की गई थी
रेमडेसिवीर पहले इबोला वायरस के लिए भी यूज हो चुकी है। यह मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) पर भी असरदार है। MERS और सार्स भी कोरोना वायरस से होने वाली बीमारियां हैं।
310
US फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले महीने गंभीर रूप से बीमार कोरोना मरीजों पर इमर्जेंसी में रेमडेसिवीर यूज करने की परमिशन दे दी थी। इस दवा को लेने वालों में हालांकि जी मिचलाने और सिरदर्द की शिकायत थोड़ा ज्यादा थी।
410
जापान भी इलाज में कर रहा प्रयोग
जापान में कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए इसे स्वीकृति दी गई है। Gilead Sciences कंपनी की अगुवाई में करीब 600 मरीजों पर अध्ययन किया गया। उन्हें मामूली निमोनिया था लेकिन उन्हें ऑक्सिजन की जरूरत नहीं थी। सभी को औचक तरीके से पांच से 10 दिन तक दवा दी गई साथ में सामान्य देखभाल की गई।
510
Gilead ने कहा कि स्टडी के 11 वें दिन, जिन मरीजों को पांच दिन तक रेमडेसिवीर दी गई थी, उनमें सात मानकों में से कम से कम एक में, सुधार की संभावना 65 प्रतिशत अधिक थी। इनमें इलाज की जरुरत और सांस लेने की मशीन जैसे उपाय शामिल हैं।
610
5 दिन तक दवा देने पर देखा गया सुधार
अमेरिका के कैलिफोर्निया की एक बायोटेक कंपनी का कहना है कि इसकी एक्सपेरिमेंटल दवा रेमडेसिवीर का फायदा देखने को मिला है। इसके मुताबिक कोरोना मामूली रूप से बीमार, अस्पताल में भर्ती मरीजों को पांच दिन तक ये दवा देने पर लक्षणों में सुधार देखा गया है।
710
15 की जगह 11 दिन में ठीक हो रहे मरीज
Gilead Sciences ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान की अगुवाई में एक बड़ा अध्ययन किया था, जिसमें पाया गया कि यह दवा गंभीर रुप से बीमार अस्पताल में भर्ती मरीजों के ठीक होने की औसत अवधि को 15 से घटाकर 11 दिन करती है। यह दवा इंजेक्शन के जरिए नस में डाली जाती है। अमेरिका में इसे कुछ मरीजों को आपात स्थिति में देने की इजाजत दी गई है।
810
125 लोगों में से 123 लोग हुए थे ठीक
मई महीने में अमेरिका के शिकागो शहर में कोरोना से गंभीर रूप से पीड़ित 125 लोगों का इलाज रेमडेसिवीर दवा दी गई थी, जिनमें 123 लोग पूरी तरह ठीक हो गए। इसके बाद कोरोना के इलाज के लिए इसे नए खोज के रूप में देखा गया। जिसके बाद इस दवा के इस्तेमाल की हरी झंडी एफडीए ने दे दी थी। मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका में इस दवाई का प्रयोग इलाज के रूप में किए जाने लगा।
910
इबोलो के ड्रग के रूप में किया गया था विकसित
Remdesivir दवा को इबोलो के ड्रग के रूप में विकसित किया गया था लेकिन समझा जाता है कि इससे और भी कई तरह के वायरस मर सकते हैं। अमेरिका के वाशिंगटन राज्य में कोरोना से जंग जीतने वाली एक महिला ने अपना निजी अनुभव शेयर करते हुए बताया था कि दवा remdesivir की मदद से उनके पति कोरोना से ठीक हो गए थे।
1010
दुनिया में कोरोना का हाल
दुनिया में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 64 लाख 85 हजार 572 हो गई है। जबकि अब तक 3 लाख 82 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि अब तक 30 लाख 23 हजार 638 लोग ठीक भी हो चुके हैं। कोरोना के संक्रमण से अमेरिका का बुरा हाल है। अमेरिका में संक्रमित मरीजों की संख्या 18 लाख 82 हजार से अधिक है, इसमें 1 लाख 8 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, ब्राजील पिछसले 24 घंटे में 1 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। जिसके बाद यहां मरने वालों की संख्या 31 हजार से अधिक हो गई है।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.