87 साल पहले इन दो देशों में आया था ऐसा भूकंप कि जमीन फट गई थी, देखें 10 डरावनी तस्वीरें

Published : Jan 15, 2021, 10:11 AM IST

ये तस्वीरें भूकंप के इतिहास का एक डरावना मंजर हैं। करीब 87 साल पहले 15 जनवरी, 1934 को भारत और नेपाल में 8.7 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। इस भूकंप में इमारतें पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई थीं। इस आपदा में 11000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। यह भूकंप भारत और नेपाल के इतिहास का सबसे खतरनाक समय माना गया। भूकंप इतना भीषण था कि कई जगहों पर जमीन फट गई थी। गड्ढे बनकर पानी भर गया था। यही नहीं, भूकंप के बाद भीषण अकाल और महामारी फैल गई थी। आइए जानते हैं भूकंप से जुड़े फैक्ट्स...

PREV
110
87 साल पहले इन दो देशों में आया था ऐसा भूकंप कि जमीन फट गई थी, देखें 10 डरावनी तस्वीरें

फैक्ट: भूकंप (Earthquake) भूमि के अंदर होने वाली हलचल या कंपन है। इसमें जब चट्टाने पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण घिसकती हैं, तो धरती कांप उठती है। इसकी कंपन एक तरंग के रूप में होती है और दूर तक उसका असर होता है। 

तस्वीर-नेपाल और बिहार में आए भूकंप कीं।

210

फैक्ट:भूकंप सबंधी घटनाओं का अध्ययन भूकंप विज्ञान(Seismology) के अंतर्गत होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भूकंप से पहल वायुमंडल में रेडॉन गैस की मात्रा बढ़ जाती है। इसी की मात्रा से भूकंप की क्षमता और आने का संकेत मिलता है।

तस्वीर-बिहार में आए भूकंप कीं।

310

फैक्ट:भूकंप का कारण ज्वालामुखी में हलचल, भू-प्लेटों में घर्षण, जमीन में जमा गैसें आदि होता है। वहीं,बड़े बांध आदि भी भूकंप लाते हैं।

तस्वीर-बिहार में आए भूकंप कीं।

410

फैक्ट: भूकंप मापने के लिए एक यंत्र प्रयोग में लाया जाता है। इस यंत्र को सीस्मोमीटर(Seismometer) कहते हैं। भूकंप के दौरान कागज पर बनने वाला ग्राफ सीस्मोग्राफ कहलाता है।

तस्वीर-बिहार में आए भूकंप कीं।

510

फैक्ट: वैज्ञानिक मानते हैं कि भूकंप से पहले आसपास के जलाशयों, आदि पानी के स्त्रोतों से अजीब से दुर्गंध आने लगती है। ऐसा जमीन के अंदर से गैसों का निकलना होता है।

तस्वीर-बिहार में आए भूकंप कीं।

610

फैक्ट: वैज्ञानिक कहते हैं कि भूकंप के कारण जमीन से जो ऊर्जा निकलती है, वो 1945 में जापान में गिराए गए परमाणु बम से निकली ऊर्जा से भी 100 गुना ज्यादा होती है।

तस्वीर-नेपाल में आए भूकंप कीं।

710

फैक्ट: भूकंप की तीव्रता मापने वाले रिक्टर स्केल का आविष्कार 1935 में हुआ था। इसे अमेरिकी वैज्ञानिक चार्ल्स रिक्टर ने तैयार किया था।

तस्वीर-नेपाल में आए भूकंप कीं।

810

फैक्ट: 2.0 से 3.0 की तीव्रता वाले भूकंप से जान-माल को नुकसान नहीं होता। लेकिन जब यह 6.2 तक पहुंचता है, तो तबाही मचा देता है। इससे अधिक तीव्रता का मतलब महाविनाश।

तस्वीर-नेपाल में आए भूकंप कीं।

910

फैक्ट: नेशनल अर्थक्वेक इन्फॉर्मेशन सेंटर हर साल 20000 भूकंप रिकॉर्ड करता है। हालांकि इसमें से कुछ ही ऐसे होते हैं, जिनसे नुकसान पहुंचता है।

तस्वीर-नेपाल में आए भूकंप कीं।

1010

हालांकि अब दुनिया में भूकंप रोधी मकान बनाए जाने पर जोर दिया जा रहा है। हल्के मकान भूकंप में जनधन हानि को रोकते हैं। तस्वीर-नेपाल में आए भूकंप कीं।
(सभी तस्वीरें गूगल से ली गई हैं)

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories