दागो और भूल जाओ...दुश्मन के टैंक पर कहर बनकर टूटेगी ध्रुवस्त्र मिसाइल, देखें कितनी खतरनाक है?

Published : Feb 19, 2021, 07:31 PM IST

भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए हेलिना (आर्मी वर्जन) और ध्रुवस्त्र (एयरफोर्स वर्जन) मिसाइल सिस्टम्स का परीक्षण किया गया। इन मिसाइलों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया है।

PREV
16
दागो और भूल जाओ...दुश्मन के टैंक पर कहर बनकर टूटेगी ध्रुवस्त्र मिसाइल, देखें कितनी खतरनाक है?


न्यूनतम और अधिकतम रेंज में मिसाइल क्षमताओं के मूल्यांकन के लिए पांच मिशन संचालित किए गए। मिसाइलों को स्थिर और चलते हुए लक्ष्यों के खिलाफ होवर और मैक्स फॉरवर्ड फ्लाइट में फायर किया गया। इसके अलावा उड़ते हुए हेलिकॉप्टर से मूविंग टारगेट पर निशाना साधा गया।

26


हेलिना और ध्रुवस्ट्रा तीसरी पीढ़ी के लॉक ऑन बिफोर लॉन्च (LOBL) फायर एंड फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हैं जो डायरेक्ट हिट मोड के साथ-साथ टॉप अटैक मोड दोनों में लक्ष्य पर निशाना साधने में सक्षम हैं । 

36

ये सभी मौसम में दिन और रात लक्ष्य साधने की क्षमता रखता है। यह दुनिया के सबसे उन्नत एंटी टैंक हथियारों में से एक है । अब मिसाइल सिस्टम को शामिल करने की तैयारी है ।

46


रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धी के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), सेना और वायु सेना को बधाई दी । 

56

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉक्टर जी सतीश रेड्डी ने सफल परीक्षणों में शामिल टीमों के प्रयासों की सराहना की ।

66

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories