ये जांबाज अफसर करेंगे सुशांत केस में जांच, इनमें मोदी के खास शशिधर भी शामिल, आज तक नहीं मिली नाकामी

Published : Aug 19, 2020, 03:55 PM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच सीबीआई को सौंप दी। हालांकि, इससे पहले बिहार सरकार की सिफारिश पर गृह मंत्रालय ने सीबीआई को जांच सौंप दी थी। मामले की जांच करने के लिए 6 अगस्त को सीबीआई की विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम को गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर मनोज शशिधर लीड करेंगे। शशिधर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। 

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ये जांबाज अफसर करेंगे सुशांत केस में जांच, इनमें मोदी के खास शशिधर भी शामिल, आज तक नहीं मिली नाकामी

इस टीम में शशिधर के अलावा गगनदीप गंभीर, नुपुर प्रसाद और अनिल यादव भी हैं। चार सदस्यीय टीम में 2 महिला अफसर हैं, ताकि केस में महिला आरोपियों से पूछताछ के दौरान कोई दिक्कत ना हो। 
 

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कौन हैं मनोज शशिधर? 
मनोज शशिधर इस SIT के मुखिया बनाए गए हैं। गुजरात कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी हैं। जनवरी, 2020 में CBI का जॉइंट डायरेक्टर बनाए गए हैं। मनोज शशिधर SIT के मुखिया बनाए गए हैं। मतलब केस को लीड यही करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी थी। CBI से पहले मनोज शशिधर गुजरात में स्टेट इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में एडिशनल DG थे। इसके अलावा, वडोदरा के पुलिस कमिश्नर, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में DCP और अहमदाबाद में जॉइंट पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं। इसके साथ ही गुजरात के पांच जिलों में वह SP के रूप में सेवा दे चुके हैं।

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खास बात ये है कि शशिधर अभी तक किसी केस में नाकाम साबित नहीं हुए हैं। इससे पहले वे विजय माल्या केस की निगरानी कर चुके हैं। उन्हें सीबीआई में नो नॉनसेंस अफसर के तौर पर माना जाता है। वे हाई रिस्क और टेंशन के माहौल करने में आदि हैं। 

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डीआईजी गगनदीप गंभीर: अगस्ता वेस्टलैंड जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की कर चुकीं जांच 
गगनदीप गम्भीर बिहार की 2004 बैच की IPS अधिकारी हैं। गगनदीप पंजाब यूनिवर्सिटी की टॉपर रह चुकी हैं। पश्चिमी राज्यों के कई जिलों में बतौर SSP सेवाएं दे चुकी हैं और डेढ़ साल पहले ही CBI में इनकी नियुक्ति हुई है। गगनदीप कई हाई-प्रोफाइल केस समेत कई बड़े घोटालों की जांच टीम का भी हिस्सा रही हैं। उन्होंने अवैध खनन मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कथित भूमिका की जांच को भी सुपरवाइज किया था।

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इसके बाद इन्हें श्रीजन घोटाले और पत्रकार उपेंद्र राय के खिलाफ केस करने वाली यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया था। ज्वाइंट डायरेक्टर साईं मनोहर की अगुवाई वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में गगनदीप के पास DIG का अतिरिक्त प्रभार भी था। वही टीम, जो विजय माल्या और अगस्ता वेस्टलैंड जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच कर रही थी और इसे पहले राकेश अस्थाना हेड कर रहे थे। कोयला घोटाल से भी जुड़े कुछ मामलों की जांच गगनदीप ने की है।
 

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नुपुर प्रसाद : CBI में बतौर SP कार्यरत
नुपुर प्रसाद बिहार के गया जिले की टिकारी के सलेमपुर गांव की रहने वाली हैं। 2007 बैच की AGMUT कैडर की IPS अधिकारी हैं। नुपुर की नियुक्ति CBI में 2019 में हुई थी। दिल्ली के शहादरा की DSP रह चुकी हैं। CBI में बतौर SP कार्यरत हैं। सुशांत केस में CBI की तरफ से गठित SIT टीम में इन्हें भी जिम्मा मिला है।

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अनिल यादव :  व्यापमं घोटाले में कर चुके जांच
अनिल यादव CBI के एडिशनल SP हैं। सुशांत केस में इन्हें इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर नियुक्त किया गया है। ये मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले और MBBS छात्रा नम्रता डामोर की मौत के मामले में जांच अधिकारी रह चुके हैं। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड, शोपियां रेप केस और विजय माल्या केस की भी जांच कर चुके हैं। अनिल यादव का मध्य प्रदेश में CBI के साथ 2014 से 2016 तक, दो साल का कार्यकाल था और इसी दौरान उन्होंने नम्रता डामोर केस की जांच की थी। वही स्टूडेंट, जिसकी बॉडी रेलवे ट्रैक के पास मिली थी। कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले की जांच में तो अनिल यादव को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित भी किया गया था।

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