नई दिल्ली. देशभर में कोरोना का आतंक जारी है। डॉक्टर्स, मेडिकल टीम, पुलिस और सभी लोग कोरोना से दो- दो हाथ कर रहे हैं। देशभर में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 3600 के पार पहुंच गई है। वहीं, दिल्ली के तब्लीगी जमात में हिस्सा लेने वालों को क्वारंटाइन किया गया है। लेकिन इनकी हरकतों से हॉस्पिटल के लोग परेशान है। दरअसल, दिल्ली की तबलीगी जमात में हिस्सा लेने के बाद देहरादून के दून अस्पताल में भर्ती कराए गए जमातियों ने यहां भी उत्पात की स्थितियां बना रखी हैं। अस्पताल में भर्ती जमाती डॉक्टरों से अलग-अलग मांग करने में जुटे हुए हैं। आलम ये है कि जमात में हिस्सा लेने के बाद यहां भर्ती हुए मरीज खाने में 25-30 रोटियां खा रहे हैं जबकि सामान्यत: अस्पताल के मेन्यू में मरीजों के लिए चार रोटी, सब्जी के साथ दाल होती है।
जमातियों की अभद्रता से बढ़ी परेशानः जानकारी के मुताबिक दून अस्पताल में तबलीगी जमात के धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कुल 28 लोग भर्ती हैं। इनमें से पांच लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इन मरीजों में से कई की अभद्रता से डॉक्टर समेत सारे मेडिकल स्टाफ परेशान हैं। कई तो खाने और चाय की बेवजह मांग करके डॉक्टरों को तंग कर रहे हैं।
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मांग पूरी नहीं हुई तो थूक रहेः चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती एक कोरोना पॉजिटिव जमाती ने बीते दिनों अस्पताल के वॉर्ड में थूकना शुरू कर दिया था। बाद में किसी तरह अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे समझा-बुझाकर शांत कराया। जमातियों के इस हरकत ने मेडिकल कर्मियों के नाक में दम कर रखा है।
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इसके अलावा हर रोज कोई ना कोई जमाती चाय कप की बजाय बड़ी गिलास में देने या किसी अन्य डिश की मांग को लेकर चिकित्सकों से उलझ रहा है। जिसके बाद किसी तरह से उन्हें समझा-बुझाकर उनका इलाज किया जा रहा है।
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ऐसे में इलाज की मुश्किलों के बीच अस्पताल में चिकित्सकों के लिए इन जमातियों की मांग पूरा करना मुसीबत का सबब बन गया है।
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जमातियों ने कानपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और नर्सों के साथ बदतमीजी की है। डॉक्टरों के साथ बदतमीजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जमाती कानपुर मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में डॉक्टरों से बदसलूकी कर रहे हैं।
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हॉस्पिटल में क्वारंटाइन किए गए जमातिए जगह-जगह थूक रहे हैं, एक साथ इकट्ठे होकर डॉक्टरों से बहस कर रहे हैं। जमाती सीढ़ियों पर और वार्ड में जगह-जगह थूक रहे हैं। बीड़ी-सिगरेट की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों के विरोध करने पर हाथापाई पर भी उतारु हो गए। विरोध करने पर दवाई ना खाने की बात करने लग जाते हैं।
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देहरादून समेत देश के कई अन्य हिस्सों में भी भर्ती तबलीगी जमात के सदस्यों के अस्पताल के चिकित्सकों की अभद्रता का मामला मीडिया के सामने आ चुका है। हाल ही में यूपी के गाजियाबाद में सीएमओ ने जिला प्रशासन से जमातियों के नर्सों से अभद्रता करने, अश्लील इशारे करने और बिना कपड़ों के वॉर्ड में घूमने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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पश्चिम यूपी के बिजनौर में भी जमातियों ने अस्पताल के चिकित्सकों से बिरयानी की मांग पूरी ना होने पर जमकर हंगामा किया था।
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क्या है निजामुद्दीन मरकज तब्लीगी जमात मामला? निजामुद्दीन में 1 से 15 मार्च तक तब्लीगी जमात मरकज का जलसा था। यह इस्लामी शिक्षा का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां हुए जलसे में देश के 11 राज्यों सहित इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से भी लोग आए हुए थे।
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यहां पर आने वालों की संख्या करीब 5 हजार थी। जलसा खत्म होने के बाद कुछ लोग तो लौट गए, लेकिन लॉकडाउन की वजह से करीब 2 हजार लोग तब्लीगी जमात मरकज में रूके हुए थे। लॉकडाउन के बाद यह इकट्ठा एक साथ रह रहे थे।
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तब्लीगी मरकज का कहना है कि इस दौरान उन्होंने कई बार प्रशासन को बताया कि उनके यहां करीब 2 हजार लोग रुके हुए हैं। कई लोगों को खांसी और जुखाम की भी शिकायत सामने आई। इसी दौरान दिल्ली में एक बुजुर्ज की मौत हो गई। जांच हुई तो पता चला कि वह कोरोना संक्रमित था और वहीं निजामुद्दीन में रह रहा था। तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
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