UP के झांसी में NSUI नेता की पत्नी की संदिग्ध मौत-क्या यह आत्महत्या थी या दहेज हत्या? शादी के कुछ महीनों बाद ही दहेज प्रताड़ना और कार की मांग ने ली जान-सच क्या है? FIR दर्ज, जांच जारी-क्या पोस्टमार्टम और सबूत सच को उजागर कर पाएंगे?

NSUI Leader Wife Death Case: उत्तर प्रदेश के झांसी से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश के सियासी और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के एक बड़े पदाधिकारी की नवविवाहिता पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान प्रिया मिश्रा के रूप में हुई है, जिसकी शादी साल 2024 में बड़े ही धूमधाम से NSUI नेता भारत व्यास के साथ हुई थी। लेकिन किसी को क्या पता था कि सात जन्मों का वादा करने वाला यह रिश्ता चंद महीनों में ही मौत की सेज में बदल जाएगा।

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"यह आत्महत्या नहीं, सोची-समझी हत्या है!"

घटना के बाद ससुराल पक्ष का दावा है कि प्रिया ने फंदे से लटककर आत्महत्या की है। लेकिन जैसे ही यह खबर मायके वालों तक पहुंची, कोहराम मच गया। मृतका के परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए सीधे हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही प्रिया को 'कम दहेज' और लग्जरी कार के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों की चीख-पुकार और भारी आक्रोश के बाद पुलिस ने हरकत में आते हुए NSUI नेता भारत व्यास और उसके माता-पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

ट्विशा शर्मा केस की यादें हुईं ताजा... क्या है इस मौत का कनेक्शन?

प्रिया मिश्रा की इस रहस्यमय मौत ने देश के एक और हाई-प्रोफाइल मामले की यादें ताजा कर दी हैं। इस मामले की तुलना भोपाल में हुई नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से की जा रही है। ट्विशा के मामले में भी ससुराल वालों ने उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। झांसी और लखनऊ में सामने आ रहे इन बैक-टू-बैक मामलों ने यह साबित कर दिया है कि रसूखदार परिवारों में भी दहेज की भूख बेटियों की जान ले रही है।

सुप्रीम कोर्ट की वो तल्ख टिप्पणी और यूपी का दागदार रिकॉर्ड

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में देश की सर्वोच्च अदालत ने दहेज हत्याओं पर बेहद सख्त रुख अपनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि: "युवा महिलाएं दहेज की कमी के कारण अपने ससुराल में बेरहमी से मारे जाने के लिए शादी नहीं करतीं।" आंकड़े गवाह हैं कि साल 2023 में पूरे देश में दहेज से जुड़ी मौतों की सबसे डरावनी और डराने वाली संख्या उत्तर प्रदेश में ही दर्ज की गई थी। झांसी का यह नया मामला उसी काले रिकॉर्ड में एक और बदनुमा दाग की तरह जुड़ गया है।

फोन रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेंगे इस मौत का असली राज

झांसी पुलिस के सामने अब इस केस की गुत्थी को सुलझाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। शुरुआत में इस मामले को महज एक 'हादसा' या 'आत्महत्या' बताकर रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन शुरुआती जांच में मिले सुराग किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं। जांच अधिकारी अब प्रिया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आखिरी वक्त के फोन कॉल रिकॉर्ड्स और गवाहों के बयानों को खंगाल रहे हैं। क्या सफेदपोश नेता के रसूख के आगे प्रिया को इंसाफ मिल पाएगा? या फिर यह केस भी फाइलों में दफन हो जाएगा? इस सस्पेंस से पर्दा उठना अभी बाकी है।