हैदराबाद के एक 42 वर्षीय इंजीनियर ने ₹18 लाख सालाना की नौकरी छोड़ ऑर्गेनिक डेयरी बिजनेस शुरू किया। इस बिजनेस से वो हर महीने ₹3.5 लाख रुपए का रेवेन्यू जनरेट कर रहे हैं।

हैदराबाद के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पोस्ट इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने 42 साल के पड़ोसी की कहानी बताई है, जिन्होंने अच्छी-खासी सैलरी वाली नौकरी छोड़कर ऑर्गेनिक डेयरी बिजनेस शुरू किया। यह फैसला उनके लिए सफल साबित हुआ और आज उनका कारोबार हर महीने लाखों रुपये की कमाई कर रहा है।

42 साल की उम्र में छोड़ी ₹18 लाख की नौकरी

सॉफ्टवेयर इंजीनियर विकास अल्वाइस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उनके पड़ोसी ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से B.Tech किया है। वे करीब 42 साल के हैं और पहले एक कंपनी में काम करते थे, जहां उनकी सालाना सैलरी लगभग ₹18 लाख थी। हालांकि, नौकरी में लगातार बढ़ रही अनिश्चितता के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला लिया।

नौकरी छोड़ने की वजह क्या थी?

विकास के मुताबिक, जब उन्होंने अपने पड़ोसी से पूछा कि इतनी अच्छी नौकरी छोड़ने का फैसला क्यों लिया, तो उन्होंने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी कंपनी के प्रोजेक्ट्स में कमी आने लगी थी। इससे उन्हें लगातार अपनी नौकरी जाने का डर बना रहता था। उन्होंने महसूस किया कि हर समय नौकरी की चिंता करने से बेहतर है कि अपनी ऊर्जा और समय खुद के कारोबार में लगाया जाए। इसी सोच के साथ उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।

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बचत के पैसों से शुरू किया ऑर्गेनिक डेयरी बिज़नेस

नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी जमा पूंजी को ऑर्गेनिक डेयरी बिजनेस में निवेश किया। अच्छी बात यह थी कि उन पर किसी तरह का कर्ज नहीं था, इसलिए यह फैसला लेना उनके लिए अपेक्षाकृत आसान रहा। उन्होंने देसी घी, दही, पनीर और अन्य ऑर्गेनिक डेयरी प्रोडक्ट्स के उत्पादन और बिक्री का काम शुरू किया।

हर महीने ₹3.5 लाख का रेवेन्यू, ₹1.5 लाख का मुनाफा

विकास अल्वाइस ने बताया कि आज उनके पड़ोसी का ऑर्गेनिक डेयरी बिजनेस अच्छी तरह चल रहा है। उनके मुताबिक, हर महीने लगभग ₹3.5 लाख का रेवेन्यू आता है। इसमें से करीब ₹1.5 लाख का शुद्ध मुनाफा होता है। यह सफलता उनकी योजना, बचत और सही समय पर लिए गए फैसले का परिणाम मानी जा रही है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी नौकरी vs बिजनेस की बहस

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर नौकरी और खुद का बिजनेस शुरू करने को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे जोखिम लेने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक कहानी बताया, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि ऐसा फैसला हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

यूजर्स ने क्या कहा?

  • एक यूजर ने लिखा, "बिजनेस करने वाले लोग जोखिम उठाते हैं, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालते हैं और कुछ नया बनाते हैं। आर्थिक अनिश्चितता लोगों को नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करती है। यही नवाचार और आत्मनिर्भरता की असली ताकत है।"
  • एक अन्य यूजर ने लिखा, "हर किसी को तुरंत नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन मौका मिलने पर अपनी इनकम का दूसरा सोर्स या खुद का बिजनेस जरूर बनाना चाहिए। इससे एक ही कमाई के साधन पर निर्भरता कम होती है।"
  • वहीं एक तीसरे यूजर ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा, "42 साल की उम्र में 18 लाख रुपये सालाना की स्थिर नौकरी छोड़कर अपना कारोबार शुरू करना आसान नहीं होता। यह हिम्मत का काम है और खुशी की बात है कि उनका डेयरी बिजनेस सफल हो रहा है।"

क्या सीख मिलती है इस कहानी से?

यह कहानी दिखाती है कि सही योजना, आर्थिक तैयारी और जोखिम उठाने की क्षमता के साथ लोग करियर में नया रास्ता चुन सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करने का फैसला हमेशा अपनी वित्तीय स्थिति, अनुभव और बाजार की समझ को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।