Microsoft India से रिजेक्ट होने के बाद प्रचीति पारकर ने US में पढ़ाई की और अब Microsoft के वॉशिंगटन ऑफिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनकी पोस्ट वायरल हो रही है।
एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की प्रेरणादायक कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। प्रचीति पारकर, जिन्होंने हाल ही में अमेरिका के वॉशिंगटन स्टेट में Microsoft में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में जॉइन किया है, उन्होंने अपने करियर के संघर्ष और सफलता का सफर शेयर किया है। प्रचीति ने बताया कि कैसे कुछ साल पहले उन्हें Microsoft India ने नौकरी के लिए रिजेक्ट कर दिया था। उसी रिजेक्शन ने उनकी जिंदगी का रास्ता बदल दिया और आज वह माइक्रोसॉफ्ट के अमेरिका स्थित ऑफिस में काम कर रही हैं, जहां उन्हें मोटा पैकेज मिल रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट में नहीं मिली नौकरी तो बदला करियर का रास्ता
प्रचीति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी स्टोरी शेयर करते हुए बताया कि अमेरिका में पढ़ाई के लिए जाने से पहले उन्होंने Microsoft India में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी के लिए अप्लाई किया था। उन्होंने लिखा कि अगर उस समय उन्हें नौकरी मिल जाती, तो वह अमेरिका जाकर पढ़ाई करने का फैसला छोड़ देतीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "यह सोचकर अजीब लगता है कि अगर US आने से पहले Microsoft India ने मुझे रिजेक्ट नहीं किया होता, तो मैं आज यहां नहीं होती। मेरा प्लान था कि अगर भारत में कोई अच्छा ऑफर मिल जाता, तो मैं अमेरिका की पढ़ाई छोड़ देती।"
US जाकर पूरी की मास्टर डिग्री
Microsoft India से नौकरी नहीं मिलने के बाद प्रचीति अपने तय कार्यक्रम के अनुसार अमेरिका चली गईं। उन्होंने University of Massachusetts Amherst (UMass Amherst) से कम्प्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की। उनके LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने 4.0 GPA के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया। इससे पहले प्रचीति ने मुंबई के वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (VJTI) से कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की थी।
अब Microsoft के वॉशिंगटन ऑफिस में कर रहीं काम
मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद प्रचीति ने मई, 2026 में Microsoft में Software Engineer के तौर पर जॉइन किया। हाल ही में उन्होंने अपने माता-पिता को पहली बार माइक्रोसॉफ्ट के वॉशिंगटन कैंपस में घुमाया। उन्होंने लिखा, "पिछले हफ्ते मैं अपने माता-पिता को अपने वर्कप्लेस लेकर गई। वे यह देखकर हैरान थे कि कैंपस कितना बड़ा है और कर्मचारियों को कितनी सुविधाएं मिलती हैं।"
माता-पिता की मुस्कान ने जीत लिया दिल
प्रचीति ने बताया कि वह अक्सर अपने माता-पिता से पूछती थीं कि क्या उन्हें उन पर गर्व है। लेकिन इस बार उन्हें ऐसा पूछने की जरूरत ही नहीं पड़ी। उन्होंने लिखा, "मैं आमतौर पर उनसे पूछती हूं, 'क्या आपको मुझ पर गर्व है?' लेकिन इस बार उनकी मुस्कान ही मेरे लिए जवाब थी।" उन्होंने आगे लिखा, "मैं सच में बहुत आभारी हूं। पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि यह सफर कितना खास रहा है।"
सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर की तारीफ
प्रचीति की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हजारों लोगों ने उनकी कहानी को प्रेरणादायक बताया। एक यूजर ने लिखा, "आपने सच में लंबा सफर तय किया है।" दूसरे यूजर ने लिखा, "वाह! हमेशा ऐसे ही मुस्कुराती रहिए।" वहीं एक और यूजर ने लिखा, "यह कहानी सच में इंस्पायर करने वाली है।"
रिजेक्शन से मिली नई शुरुआत
प्राचिति पारकर की कहानी इस बात का उदाहरण है कि हर रिजेक्शन असफलता नहीं होता। कई बार एक बंद दरवाजा किसी बड़े अवसर का रास्ता खोल देता है। Microsoft India में नौकरी नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार उसी कंपनी के अमेरिका स्थित ऑफिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना पूरा किया।


