टियर-3 कॉलेज के एक टेक प्रोफेशनल ने ₹14,300 से ₹1.05 करोड़ CTC तक का सफर साझा किया। उन्होंने बताया कि असली खुशी ज्यादा सैलरी से नहीं, बल्कि आजादी से मिलती है।
Success Story: टियर-3 कॉलेज से पढ़ाई करने वाले एक टेक प्रोफेशनल की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने ₹14,300 की शुरुआती मासिक सैलरी से बढ़ते हुए ₹1.05 करोड़ के सालाना पैकेज (स्टॉक को छोड़कर) तक का सफर तय किया। हालांकि, इतनी बड़ी कामयाबी हासिल करने के बाद भी उनका कहना है कि वे भावनात्मक रूप से खुश नहीं हैं।
पहली नौकरी पाने में लगे थे 6 महीने
वायरल पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने बताया कि वे पढ़ाई में औसत से बेहतर छात्र थे। कॉलेज खत्म होने के बाद उन्हें पहली नौकरी पाने में करीब छह महीने का समय लगा। शुरुआती नौकरी में उन्हें हर महीने सिर्फ ₹14,300 की सैलरी मिलती थी। उन्होंने बताया कि लगातार मेहनत और नौकरी बदलने की रणनीति की वजह से उनकी इनकम बढ़ती गई और आज उनका सालाना पैकेज ₹1.05 करोड़ तक पहुंच चुका है।
₹20,000 की सैलरी ने दी थी सबसे ज्यादा खुशी
टेक प्रोफेशनल के मुताबिक, जिंदगी में उन्हें सबसे ज्यादा खुशी करोड़ों की सैलरी मिलने पर नहीं, बल्कि तब मिली थी जब उनकी सैलरी ₹14,300 से बढ़कर ₹20,000 रुपए महीना हुई थी। उनके मुताबिक, “मेरी जिंदगी की सबसे खुशी देने वाली सैलरी ₹1 करोड़ नहीं बल्कि वह ₹20,000 महीना थी। ₹14,300 से ₹20,000 तक के इन्क्रिमेंट ने मेरी जिंदगी बदल दी। उसी समय मैंने पब्लिक बस में सफर करना बंद किया और अपनी पहली 150cc बाइक खरीदी, जो मेरा सपना था।”
13 साल के करियर में सिर्फ एक प्रमोशन मिला
उन्होंने बताया कि 13 साल के पूरे करियर में उन्हें सिर्फ एक बार प्रमोशन मिला। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर लिखा, "प्रमोशन के इंतजार में किसी एक कंपनी से लंबे समय तक जुड़े रहना हमेशा फायदेमंद नहीं होता। मेरे अनुभव में करियर ग्रोथ के लिए सही समय पर बदलाव करना ज्यादा बेहतर साबित हुआ।"
₹25-30 लाख के बाद बढ़ी सैलरी सिर्फ निवेश बढ़ाती है
टेक प्रोफेशनल का मानना है कि जब किसी व्यक्ति की सालाना आय ₹25 से ₹30 लाख के बीच पहुंच जाती है, तो उसके बाद मिलने वाली अतिरिक्त इनकम अक्सर लाइफस्टाइल में बड़ा बदलाव नहीं लाती। उन्होंने कहा कि इसके बाद बढ़ने वाला पैसा ज्यादातर निवेश और बचत में चला जाता है, जबकि रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत बड़ा अंतर महसूस नहीं होता।
आर्थिक रूप से मजबूत, लेकिन भावनात्मक रूप से खुश नहीं
उन्होंने स्वीकार किया कि आर्थिक रूप से वे पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन भावनात्मक संतुष्टि अभी भी नहीं मिल पाई है। टेक प्रोफेशनल ने लिखा, "आर्थिक रूप से मैं मजबूत हूं, लेकिन भावनात्मक रूप से सच कहूं तो खुश नहीं हूं। अब मुझे किसी और के लिए काम करने में पहले जैसा आनंद नहीं आता। ऑफिस के समय के बाद भी काम का दबाव बना रहता है।"
ज्यादा सैलरी के साथ बढ़ता है प्रेशर और ऑफिस पॉलिटिक्स
उन्होंने कहा कि बड़ी सैलरी के साथ सिर्फ सुविधाएं ही नहीं आतीं, बल्कि ज्यादा जिम्मेदारियां, लगातार प्रदर्शन का दबाव और ऑफिस पॉलिटिक्स भी बढ़ जाती है। उनका कहना है कि मानसिक तनाव एक वास्तविक समस्या है, जिसके बारे में लोग अक्सर खुलकर बात नहीं करते। टेक प्रोफेशनल ने बताया कि अगर उन्हें किसी और के लिए काम करने के बजाय अपने बनाए किसी प्रोडक्ट से हर महीने लगभग ₹1 लाख की कमाई होने लगे, तो वे खुद को ज्यादा खुश महसूस करेंगे। इसी सोच के साथ वे छोटे-छोटे डिजिटल प्रोडक्ट और Micro SaaS प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं। साथ ही वे मार्केटिंग भी सीख रहे हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स ने किया समर्थन
- यह पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने टेक प्रोफेशनल की बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, "मैं अभी ₹32,000 की सैलरी से शुरुआत कर रहा हूं। उम्मीद है कि एक दिन मैं भी इस मुकाम तक पहुंचूंगा। आपकी कहानी प्रेरणादायक है।"
- दूसरे यूजर ने लिखा, "मैं भी टियर-3 शहर से हूं। आपकी सफलता की कहानी ने मुझे उम्मीद दी है कि मेहनत से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।"
- एक अन्य यूजर ने लिखा, "ज्यादा सैलरी के साथ ऑफिस पॉलिटिक्स और दबाव भी बढ़ जाता है। इसी वजह से मैंने अपनी पिछली नौकरी छोड़ दी थी।"
- वहीं एक अन्य यूजर का कहना था, “नौकरी करते हुए अपने प्रोजेक्ट्स पर भी काम करते रहना चाहिए। जब आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति बन जाए, तभी सोच-समझकर बड़ा जोखिम लेना बेहतर होता है।”


