बेंगलुरु में 4 साल बिताने वाले एक टेक प्रोफेशनल ने बताया कि कैसे इस शहर ने उन्हें बेहतर नौकरी, सैलरी, नेटवर्किंग और करियर ग्रोथ के नए-नए अवसर दिए।
Bengaluru Career Growth: बेंगलुरु को भारत की टेक्नोलॉजी कैपिटल और सिलिकॉन वैली कहा जाता है। यहां का मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां और बेहतरीन नेटवर्किंग के अवसर देशभर के प्रोफेशनल्स को अपनी ओर खींचते हैं। हालांकि, ट्रैफिक जाम और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी समस्याओं को लेकर कई बार शहर की आलोचना भी होती है, लेकिन इसके बावजूद लोग इसे करियर बनाने के लिए सबसे बेहतरीन शहरों में से एक मानते हैं।
X पर शेयर किया 4 साल का अनुभव
इसी बीच बेंगलुरु में रहने वाले एक टेक प्रोफेशनल की पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। उन्होंने बताया कि इस शहर ने उनके करियर को कैसे एक नई दिशा दी।वेस्को (Wesco) में सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट के तौर पर काम करने वाले भुवनेश आर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कहानी शेयर की। उन्होंने लिखा, "बेंगलुरु आए हुए मुझे चार साल हो गए हैं और मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस शहर ने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है।" उनकी यह पोस्ट देखते ही देखते लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
पहले किन शहरों में किया काम
भुवनेश आर्य ने बताया कि उनका कुल 15 साल का प्रोफेशनल एक्सपीरियंस है। बेंगलुरु आने से पहले वह पुणे, मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर शहर की अपनी अलग खासियत है, लेकिन उनके करियर पर जितना पॉजिटिव इम्पैक्ट बेंगलुरु ने डाला, उतना किसी और शहर ने नहीं। उन्होंने लिखा, "मैंने पुणे, मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर में भी काम किया। सभी शहर अच्छे हैं, लेकिन मेरे करियर की ग्रोथ पर बेंगलुरु का प्रभाव सबसे ज्यादा रहा।"
4 साल में मिली करियर और सैलरी में बड़ी ग्रोथ
आर्य के मुताबिक, बेंगलुरु में बिताए 4 वर्षों के दौरान उन्हें कई ऐसे अवसर मिले जिन्होंने उनके प्रोफेशनल लाइफ को नई ऊंचाई दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें बेहतर जॉब के अवसर मिले, सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हुई, इंडस्ट्री के लोगों से मजबूत नेटवर्किंग बनी और कई बड़े टेक लीडर्स से मिलने का मौका मिला। इसके अलावा उन्हें कई टेक इवेंट्स, कॉन्फ्रेंस और प्रोफेशनल चर्चाओं में शामिल होने के इन्विटेशन भी मिले। उन्होंने लिखा, "अपने 15 साल के करियर में जितनी ग्रोथ मैंने इन चार वर्षों में देखी, उतनी पहले कभी नहीं मिली। बेहतर अवसर, अच्छी सैलरी, मजबूत नेटवर्किंग, इंडस्ट्री लीडर्स से जुड़ने का मौका और एक ऐसी जिंदगी मिली, जिसे मैं पसंद करता हूं।"
ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियां भी मानीं
भुवनेश आर्य ने यह भी स्वीकार किया कि बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम और इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्याएं मौजूद हैं। हालांकि, उनका मानना है कि अगर इन परेशानियों से आगे देखा जाए तो शहर में करियर के अनगिनत अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा, "जब आप इन चुनौतियों से आगे देखते हैं तो आपको अवसरों का एक बड़ा संसार दिखाई देता है।"
पहले क्यों नहीं आया, इसका पछतावा
आर्य ने बताया कि उन्हें पहले भी कई बार बेंगलुरु आने का मौका मिला था, लेकिन निजी कारणों से उन्होंने उन अवसरों को छोड़ दिया। अब उन्हें लगता है कि अगर वे पहले यहां आ जाते तो शायद उनके करियर की ग्रोथ और भी जल्दी हो जाती।
पानी की बोतल का उदाहरण देकर समझाई अपनी बात
अपने विचार को समझाने के लिए उन्होंने एक आसान उदाहरण दिया। उन्होंने लिखा, "रेलवे स्टेशन पर पानी की बोतल 10 रुपये की मिलती है, एयरपोर्ट पर वही बोतल 100 रुपये की और फाइव-स्टार होटल में 500 रुपये की हो जाती है। मेरे लिए बेंगलुरु वही जगह है, जहां मेरी वैल्यू सबसे ज्यादा बढ़ी।" उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस शहर में रहकर काम करता है।
'भारत की सिलिकॉन वैली' को कहा धन्यवाद
भुवनेश आर्य ने अपनी पोस्ट के अंत में बेंगलुरु को "भारत की सिलिकॉन वैली" बताते हुए शहर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह इस शहर में रहकर और यहां हो रहे लगातार बदलाव का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने लिखा, "बेंगलुरु सच में भारत की सिलिकॉन वैली कहलाने का हकदार है। मैं यहां रहकर और इस बदलाव का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं।


