Drishyam Inspired Murder in Bihar: समस्तीपुर में बेटे ने पिता की हत्या कर 'दृश्यम' की तरह मोबाइल बंद कर लोकेशन छुपाने की कोशिश की। उसे लगा कि वो इस तरह से पुलिस को चकमा देकर बच जाएगा, लेकिन एक गलती ने उसके किए कराए पर पानी फेर दिया।

बिहार के समस्तीपुर से हत्या का चौंकानेवाला मामला सामने आया है। हलई थाना क्षेत्र के दरवा गांव में किसान रघुवीर सहनी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, रघुवीर की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने बेटे शिव शंकर सहनी ने ही की थी। गौर करने वाली बात ये है कि बेटे ने फिल्म 'दृश्यम' देख पिता को मौत के घाट तो उतार दिया, लेकिन एक ऐसी चूक कर बैठा, जिसे उसने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

1 चूक ने सारी प्लानिंग पर फेर दिया पानी

  • पुलिस के मुताबिक, शिव शंकर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम' में दिखाए गए तरीके से मोबाइल बंद कर अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश की थी।
  • हालांकि, हत्या के बाद वह पत्नी से बात किए बिना नहीं रह सका और इसी एक चूक ने उसकी सारी प्लानिंग पर पानी फेर दिया।
  • पत्नी से फोन पर हुई बातचीत पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गई। कॉल डिटेल और मोबाइल टावर लोकेशन की जांच के बाद पुलिस उस तक पहुंच गई।
  • पुलिस ने आरोपी को सूरत से गिरफ्तार किया और बाद में समस्तीपुर लाई, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

समस्तीपुर में बेटे ने की पिता की हत्या

पुलिस के मुताबिक, 26 जुलाई की रात रघुवीर सहनी अपने घर के दरवाजे पर सो रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा शिव शंकर घर में रखी कुल्हाड़ी लेकर आया और उन पर हमला कर दिया। वारदात के बाद उसने कुल्हाड़ी वहीं फेंक दी और वहां से निकल गया। पुलिस का कहना है कि हत्या की पूरी योजना शिव शंकर ने पहले से बनाई थी। उसका मकसद वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करना था, ताकि उस पर शक न हो।

'दृश्यम' से इंस्पायर्ड होकर बंद किया मोबाइल

  • पूछताछ में पुलिस के अनुसार, शिव शंकर ने हत्या के बाद अपनी लोकेशन छिपाने के लिए फिल्म 'दृश्यम' से प्रेरित तरीका अपनाया। फिल्म में पुलिस को भ्रमित करने के लिए मोबाइल फोन और लोकेशन से जुड़ा तरीका दिखाया गया है।
  • इसी तर्ज पर शिव शंकर ने सूरत से निकलने से पहले अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। वह चाहता था कि पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन सूरत की मिले और जांच के दौरान उस पर शक न हो।
  • हत्या के बाद भी उसने कुछ समय तक फोन बंद रखा। लेकिन सूरत लौटने के दौरान उसने मोबाइल दोबारा चालू किया और पत्नी से फोन पर बातचीत की। यही बातचीत पुलिस की जांच में अहम सुराग बन गई।
  • पुलिस ने जब शिव शंकर के मोबाइल की कॉल डिटेल और टावर लोकेशन की जांच की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। 26 जुलाई की रात पत्नी से बातचीत के दौरान उसके मोबाइल की लोकेशन पटोरी में मिली थी।
  • इसके बाद मोबाइल फिर बंद हो गया। करीब 36 घंटे बाद जब फोन दोबारा चालू हुआ तो उसकी लोकेशन सूरत में मिली। मोबाइल की इन अलग-अलग लोकेशन ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया।

सूरत से ट्रेन से पटना, फिर पैदल पहुंचा गांव

  • पटोरी डीएसपी बीके मेधावी के अनुसार, शिव शंकर सूरत से करीब 2000 किलोमीटर की दूरी तय कर ट्रेन से पटना पहुंचा था। इसके बाद वह हाजीपुर और फिर पटोरी स्टेशन गया।
  • रात करीब आठ बजे पटोरी स्टेशन पर उतरने के बाद वह टोटो से जोरपुरा चौक पहुंचा। वहां से करीब चार किलोमीटर तक खेतों के रास्ते पैदल चलकर अपने गांव पहुंचा।
  • पुलिस के मुताबिक, घर का मुख्य दरवाजा बंद मिलने पर वह पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुआ। इसके बाद घर की कोठरी से कुल्हाड़ी निकाली और वारदात को अंजाम दिया।
  • हत्या के बाद आरोपी उसी रास्ते से बाहर निकला और लगुनिया स्टेशन पहुंचा। वहां से पटोरी होते हुए पटना गया। सुबह पटना पहुंचने के बाद उसने ट्रेन पकड़ी और वापस सूरत चला गया।

अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ बेटा

  • पिता की हत्या के बाद शिव शंकर कई दिनों तक परिवार से दूर रहा। पिता की मौत के बावजूद उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने पर परिवार और गांव के लोगों के बीच सवाल उठने लगे।
  • पुलिस के अनुसार, आरोपी की मां ने भी अपने बेटे पर शक जताया था। जांच के दौरान पुलिस को मिले कॉल डिटेल, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य साक्ष्यों से शिव शंकर पर शक और मजबूत होता गया।
  • पटोरी डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि पूछताछ के दौरान शिव शंकर ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और वारदात से जुड़ी कई जानकारियां पुलिस को दीं।