Bijnor HIV Case: बिजनौर में तीन दिन के भीतर दो चचेरे भाइयों की HIV संक्रमण से मौत की खबर से हड़कंप है। किराएदार महिला से जुड़े दावे की पुष्टि नहीं हुई है, स्वास्थ्य विभाग जांच और काउंसलिंग करा रहा है।
बिजनौर के एक गांव में तीन दिनों के भीतर दो चचेरे भाइयों की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। दोनों में HIV संक्रमण की पुष्टि होने की बात सामने आई है। इसके बाद स्थानीय लोगों का ध्यान उस महिला की ओर गया, जो कुछ समय तक वहां किराए पर रही थी। हालांकि, महिला से संक्रमण फैलने की बात अभी आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुई है। अब स्वास्थ्य विभाग का फोकस डर फैलाने के बजाय लोगों की काउंसलिंग और जरूरी जांच पर है।
दो चचेरे भाइयों की तीन दिन में मौत
मामला बिजनौर शहर से सटे गांव का बताया जा रहा है। 51 वर्षीय व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए AIIMS ऋषिकेश ले जाया गया, जहां जांच में HIV संक्रमण की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके करीब तीन दिन बाद उसके 43 वर्षीय चचेरे भाई की भी मौत हो गई। उसके मामले में भी HIV संक्रमण की पुष्टि बताई गई है।
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किराएदार महिला से जोड़कर लगाए जा रहे आरोप
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों पुरुषों की उस महिला से करीबी थी, जो गांव में किराए पर रह रही थी और बाद में वहां से चली गई। इसी आधार पर कुछ लोगों ने आशंका जताई कि संक्रमण उसी के जरिए हुआ। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए महिला को संक्रमण का स्रोत मानना फिलहाल तथ्य नहीं, बल्कि आरोप/आशंका है।
महिला के संपर्क में आए लोगों में डर
दो मौतों की खबर फैलने के बाद उन लोगों में भी चिंता बढ़ गई है, जिनका कभी महिला के घर आना-जाना बताया जा रहा है। हालांकि HIV सामान्य सामाजिक संपर्क, साथ बैठने, हाथ मिलाने या एक ही जगह रहने से नहीं फैलता। संक्रमण के जोखिम को लेकर शंका होने पर अनुमान लगाने के बजाय अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की काउंसलिंग
मामले के बाद बिजनौर स्वास्थ्य विभाग ने गांव में टीम भेजकर लोगों को जागरूक करने और काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। अधिकारियों का उद्देश्य लोगों को बिना डर और झिझक के जांच के लिए प्रेरित करना है। HIV की जांच और इलाज से जुड़ी सेवाएं सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत उपलब्ध हैं।
HIV को लेकर डर नहीं, सही जानकारी जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि HIV से जुड़ी अफवाहें कितनी तेजी से फैल सकती हैं। किसी व्यक्ति के HIV पॉजिटिव होने भर से यह तय नहीं किया जा सकता कि संक्रमण किससे या कब हुआ। इसके लिए चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की राय जरूरी होती है। इसलिए फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल महिला पर आरोप नहीं, बल्कि संक्रमण की वास्तविक कड़ी और प्रभावित लोगों की समय पर जांच है।
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