Published : Dec 25, 2021, 11:22 AM ISTUpdated : Dec 25, 2021, 11:27 AM IST
नई दिल्ली. पश्चिम विक्षोभ(western disturbance) के कारण आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बन रही है। वहीं, कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी के चलते निचले राज्यों में शीतलहर का अनुमान लगाया गया है। दिल्ली में 25 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र(IMD) का कहना है कि अगले कुछ दिन दिन में भी हल्का कोहरा छाया रहेगा। धुंध के कारण विजिबिलिटी कम रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ 26 दिसंबर से एक्टिव होगा। इससे कई राज्यों में का मौसम बिगड़ेगा। राजस्थान में 27 से 28 दिसंबर तक बीकानेर, जयपुर और अजमेर संभागों में हल्की बारिश हो सकती है। IMD ने मध्य प्रदेश के शहडोल संभाग में 28 दिसंबर को ओले गिरने की आशंका जताई है।
कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इसकी वजह से मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ेगी। यहां कई जगहों पर तापमान जीरो से नीचे चला गया है।
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IMD के अनुसार नये साल पर पश्चिम विक्षोभ के कारण शीतलहर के आसार हैं। 5 जनवरी से तापमान में गिरावट होगी। हालांकि 26 दिसंबर से मौसम बदलेगा।
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कश्मीर वर्तमान में 40 दिनों की सबसे कठिन सर्दियां चल रही हैं। इसे स्थानीय रूप से 'चिल्लई कलां' कहते हैं। इसमें 20 दिनों तक चलने वाला 'चिल्लई खुर्द' और 10 दिनों तक चलने वाला 'चिल्ला बच्चा' होता है।
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मौसम विभाग के मुताबिक दूसरा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 26 दिसंबर को प्रवेश करेगा। इसके असर से 29 दिसंबर के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा कुछ जगहों पर हो सकती है। बर्फबारी भी संभावित।
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जम्मू-कश्मीर में 26 से 28 दिसंबर तक बर्फबारी होने की संभावना है। गुरुवार और शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना है
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स्काईमेट वेदर(Skymet Weather) के मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार पश्चिम विक्षोभ अगले आठ दिनों तक एक्टिव रहेगा। इससे दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है। जब इसका असर खत्म होगा, तो कोहरा बढ़ेगा। क्रिसमस तक कश्मीर घाटी और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होगी।
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पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बन्स (Western Disturbance) भूमध्यरेखा-क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली वह बाह्य- उष्ण कटिबंधीय आंधी(extra-tropical storm) है, जो सर्दी में भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमोत्तर भागों में अकस्मात बारिश ले आती है। यह बारिश मानसून की बरसात से भिन्न होती है।