कोलकाता. नए साल पर लोगों ने घरों में खाना नहीं बनाया। दिसंबर 2019 में सेलेब्रेशन शुरू हो गए और लोगों ने खाना ज्याजातर ऑनलाइन ऑर्डर किया। ऐसे में 7 दिसंबर को कोलकाता में एक डिलीवरी ब्वॉय अपने कस्टमर के लिए खाना लेकर दौड़े जा रहा था। पर उसे क्या पता था कि ये दिन उसकी जान पर आफत बन जाएगा। 12 हजार महीना कमाने वाले को इलाज के लिए 12 लाख की जरूरत होगी और उसकी मां को ट्रेनों में भीख मागंनी पड़ेगी।
स्विगी डिलिवरी ब्वॉय अनिर्बन गांगुली का एक्सीडेंट हो गया। सड़क पर एक तेज रफ्तार गाड़ी उसे कुचल कर भाग गई। वो सड़क पर खून में लथ-पथ तड़पता रहा। 20 साल के एक अनिर्बन के घर में कुछ समय से काफी खुशी थी कि उसने काम शुरू कर दिया है। अब गरीब घर में चंद पैसे आएंगे और सब कुशल-मंगल होगा। पर 7 दिसंबर को उसका एक्सीडेंट हो गया और गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
27
अनिर्बन को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पहले डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। उन्होंने तर्क दिया ये पुलिस केस है पहले जांच होने दो। मां बेटे की टूटती सांसों को देख दहाड़े मार रोने लगी। उसने डॉक्टरों के पैर पकड़ लिए। डॉक्टर का दिल पसीज गया तो इलाज शुरू हुआ।
37
डिलिवरी ब्वॉय को गंभीर चोटें आईं, यहां तक की सिर के एक हिस्से में खून क थक्के जम गए जिन्हें सर्जरी कर निकाला जा चुका है। पर खून ज्यादा बहने के कारण उसकी सांसे अभी तक अटकी हुई हैं। उसके कई सर्जरी होनी अभी बाकी हैं जिसके लिए लाखों रुपये की जरूरत होगी।
47
अनिर्बन अपने घर में बड़ा लड़का है, उसका छोटा भाई भी अभी कॉलेज जाता है। अनिर्बेन डिलिवरी ब्वॉय के तौर पर 12 हजार रूपया महीने कमा रहा था, और परिवार को आर्थिक मदद कर घर चला रहा था। अब वो अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। परिवार के पास कोई जमापूंजी नहीं है। जो था वो पहले ही जा चुका। अब मां बाप बेटे को बचाने के लिए जतन कर रहे हैं।
57
अनिर्बेन की मां कहती हैं, "हर मिनट, हम डरे रहते हैं कि कब वो उठेगा और बत करेगा। कहीं उसकी सांसे रूक तो नहीं गईं। डॉक्टरों ने मुझे मेरे बेटे को 5 मिनट भी ठीक से देखने नहीं दिया। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है, वो सिर्फ पलकें झपकाकर बेहोश हो गया है। मैं हर आखिरी उम्मीद लेकर बेटे के ठीक होने का इंतजार कर रही हूं।
67
गरीब परिवार के लिए सबसे बड़ी मुसीबत डिलिवरी ब्वॉय का एक्सीडेंट ही नहीं उसके इलाज की रकम का इंतजाम करना भी है। अनिर्बन के इलाज के लिए डॉक्टरों ने 12 लाख का बिल थमाया है। अगर फीस नहीं भरी गई तो इलाज रूक जाएगा।
77
अनिर्बन की मां बबीता बेटे को बचाने के लिए लोगों के आगे हाथ फैलाने को मजबूर है। मां बबीता लोकल ट्रेनों में अनिर्बन के इलाज के लिए भीख मांग रही हैं। ये खबर मिलाप फाउंडेशन ने शेयर की है। जो लोग मदद करना चाहे वो डिलिवरी ब्वॉय के परिवार को कुछ धनराशि इस पते पर भेज सकते हैं।
Other Indian State News (अन्य राज्य समाचार) - Read Latest State Hindi News (अन्य राज्य की खबरें), Regional News, Local News headlines in Hindi from all over the India.