Published : Jul 10, 2020, 02:14 PM ISTUpdated : Jul 10, 2020, 02:19 PM IST
बांडीपोरा, जम्मू-कश्मीर. ये तस्वीरें कश्मीर में आतंक के खूनी खेल को दिखाती हैं। सुरक्षाबलों की सख्त मुहिम से घबराए आतंकवादी अब निर्दोष लोगों और उनका सहयोग नहीं करने वालों को निशाना बनाने लगे हैं। इसी खूनी खेल में भाजपा नेता शेख्स वसीम बारी का परिवार बर्बाद हो गया। बुधवार को आतंकी हमले में वसीम बारी, उनके भाई और पिता की मौत हो गई थी। इस परिवार में अब कोई पुरुष नहीं बचा है। परिवार में वसीम की पत्नी, उनका 3 महीने का बेटा और दिव्यांग बहन बचे हैं। घर यूं लगने लगा है जैसे मुर्दाघर हो। जब इन तीनों के जनाजे एक साथ उठे, तो वहां मौजूद कोई भी अपने आंसू नहीं रोक पाया। उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले वसीम की मां की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसी हादसे में उनकी बहन दिव्यांग हो गई थी। तीनों की हत्या बुधवार रात उस समय की गई थी, जब वे घर के नीचे बनी अपनी दुकान में बैठे थे। उनकी घर की सुरक्षा के लिए कंटीले तार बांधे गए थे। वहीं, 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात थे। इस घटना ने आतंकवादियों के खिलाफ लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
गुरुवार को जब पिता और दो बेटों के जनाजे एक साथ उठे, तो माहौल देखकर हर कोई रो पड़ा।
29
वसीम की पत्नी पति की लाश पर बैठकर रातभर रोती रहीं। उन्होंने कहा कि वसीम ने कहा था कि वो आइसक्रीम लेकर आएंगे।
39
वसीम के परिवार में अब कोई पुरुष नहीं बचा है। लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
49
सुरक्षाबलों की कड़ी मुहिम के चलते आतंकवादी बौखलाकर निर्दोषों की हत्या कर रहे हैं।
59
जनाजे के समय रोते-बिलखते परिजन।
69
जनाजे में प्रदेश भाजपा प्रमुख रविंद्र रैना, ऑल जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा आदि के अलावा बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
79
वसीम का घर। इसी के नीचे उनकी दुकान है, जहां उनकी और भाई-पिता की हत्या की गई।
89
जनाजे के वक्त बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
99
बता दें कि वसीम बारी सिर्फ 27 साल के थे। उनका छोटा भाई उमर सिर्फ 19 साल का। बशीर अहमद इनके पिता थे।
Other Indian State News (अन्य राज्य समाचार) - Read Latest State Hindi News (अन्य राज्य की खबरें), Regional News, Local News headlines in Hindi from all over the India.