Published : Apr 25, 2020, 11:12 AM ISTUpdated : Apr 25, 2020, 11:13 AM IST
नई दिल्ली. शनिवार से रमजान का पवित्र महीना शुरू हो गया। लेकिन इस बार मस्जिदों में पहले जैसी भीड़ नहीं दिखाई देगी। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने घरों पर ही नमाज पढ़ने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि रमजान मुसलमानों के लिए सबसे पाक महीना माना जाता है। इस महीने में रोजे रखे जाते हैं। सूर्य निकले से ढलने तक कोई न कुछ खाता है और न पीता। महीनेभर तक अच्छे रास्ते पर चलने की दुआएं मांगी जाती हैं। इस बार कोरोना को हराने की दुआएं भी मांगी जाएंगी। दिल्ली में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मस्जिदों या अन्य किसी धार्मिक स्थलों पर भीड़ पर पाबंदी रहेगी। अजान पर कोई पाबंदी नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को रमजान की मुबारकबाद दी है। वहीं, शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने लोगों से अपील की है कि वे घर पर ही नमाज पढ़ें।
रोशनी में नहाती नई दिल्ली की जामा मस्जिद। उम्मीद है कि यह रोशनी जीवन को एक नई राह दिखाएगी।
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जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारों..फुटपाथ पर रहने वाले गरीब लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके नमाज पढ़ते हुए।
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यूपी के प्रयागराज में सिवइयों की फैक्ट्री में काम करता एक शख्स। जहां विश्वास है, वहां आस है। उम्मीद है कि इस बार की दुआ कोरोना को हराने में काम आएगी।
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यह तस्वीर गुवाहाटी की है। दूरियां बनाकर भी रिश्ते मजबूत होते हैं। रमजान महीने के दौरान घर के लिए जरूरी सामान खरीदकर लातीं मुस्लिम महिलाएं।
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जामा मस्जिद में नमाज पढ़ता एक शख्स। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए इस बार इस तरह नमाज पढ़ी जा रही है।
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नई दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी। यह पहली बार है, जब रमजान में यह मस्जिद सूनी पड़ी है।
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यह तस्वीर नई दिल्ली के जामा मस्जिद की है। सोशल डिस्टेंसिंग के चलते यहां खामोशी पसरी हुई है।
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