Published : Feb 24, 2020, 05:30 PM ISTUpdated : Feb 24, 2020, 05:34 PM IST
चंडीगढ़. शहर के सेक्टर 32 की एक पीजी में शनिवार शाम आग लगने से 3 लड़कियों की मौत हुई थी। वहीं जिन दो लड़कियों ने इस भीषण आग से बचने के लिए अपनी जान बचाई उनके नाम जैसमीन और फेमिना हैं। दोनों का इस समय अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि आग ने देखते ही देखते इतना विकराल रूप ले लिया कि पहली मंजिल जलकर पूरी तरह राख हो गई। हमारे पास कूदने के अलावा और कोई चारा नहीं था। हमारी तीनों सहेलियां चीखती रहीं और हम कुछ नहीं कर सके।
हादसे में मारे जाने वाली लड़कियों की पहचान कपूरथला की रिया अरोड़ा, हिसार की मुस्कान कोटकपूरा की पाक्षी है। पुलिस को जहां रिया का शव 70% जले हालत में मिला। वहीं पाखी और रिया की डेडबॉडी मामूली जली हुई थी। जानकारी के मुताबिक, एक छात्रा की जहां झुलसने से तो 2 छात्राओं की दम घुटने से मौत हो गई।
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फेमिना ने बताया कि हादसे के दौरान पीजी में पाक्षी, रिया, मुस्कान और जैसमीन समेत पांच लड़कियां थीं। सभी खाना खाने के बाद दोपहर में पढ़ाई करने बैठ गई। तभी अचानक से मुस्कान और पाक्षी की चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। मुझे लगा कि वह मजाक कर रहीं हैं आपस में। लेकिन जब मैंने देखा तो वहां धुआं निकल रहा था और कमरे में चारों तरफ आग की लपटें निकल रही थीं। हमने उनको बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं बच सकी।
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हादसे में मारे जाने वाली लड़कियों की पहचान रिया अरोड़ा, मुस्कान और पाक्षी ग्रोवर है।
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हादसे में मारे जाने वाली पाक्षी के पिता नवदीप ग्रोवर व्यवसायी हैं। बेटा पहले से कनाडा में है, वहीं बेटी भी बुहत होशियार थी। पिछले साल डीएवी पब्लिक स्कूल से 12वीं कॉमर्स के पेपर दिए थे। जब रिजल्ट आया तो पाक्षी 97.6 प्रतिशत अंकों के साथ फरीदकोट जिले में बारहवीं में कॉमर्स ग्रुप में टॉपर रही थी।
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मुस्कान हिसार के रहने वाले एडवोकेट राजीव मेहता की बेटी हैं। वो चंडीगढ़ में एसडी कॉलेज में एमकॉम फर्स्ट इयर की स्टूडेंट थी। वहीं मुस्कान का छोटा भाई भी चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहा है। राजीव ने बताया कि हादसे के दौरान मेरी बेटी से बात हो रही थी। लेकिन कुछ ही सेकंड में उसका फोन कट गया था। हमें क्या पता था कि वो हमसे आखिरी बार बात कर रही है।
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हादसे में मारे जान वाली तीसरी लड़की रिया अरोड़ा थी। उसके पिता संदीप कुमार का पांच साल पहले निधन हो चुका है। वह अपनी दादी के साथ रहती थी। मां और बड़ी बहन प्रिया अरोड़ा लंदन में रहती है। रियां चंडीगढ़ में फ्रेंच सीख रही थी। इसके बाद उसको भी अपनी मां के पास लंदन जाना था। उसका वीजा तक बनवा लिया था। लेकिन उसकी किस्मत तो उसको मौत तक ले गई।
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आसपास के लोगों ने बताया कि यह पीजी अवैध रूप से चलाया जा रहा था। इसका संचालन अगस्त 2018 से हो रहा था। इसमें करीब 34 छात्राएं रहती हैं। कोठी का मालिक गौरव अनेजा है, उसने नीतेश बंसल नामक व्यक्ति को किराए पर दिया था, जो यह पीजी चला रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध तरीके से चलने की शिकायत हमने पहले कई बार पुलिस को दी थी। लेकिन इस मामले कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने पीजी चलाने वाले नितेश बंसल के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे रात 12 बजे गिरफ्तार कर लिया है।
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