किसान आंदोलन की 2 धाकड़ दादी, जिन्होंने कंगना को भी करा दिया चुप..इस मूवमेंट की बनीं पोस्टर वुमन

Published : Dec 04, 2020, 02:39 PM ISTUpdated : Dec 04, 2020, 02:43 PM IST

हरियाणा. दिल्ली बार्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन का आज 9वां दिन है। मोदी सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान अपने मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ कल हुई बैठक भी बेनतीजा रही। इस आदोंलन में कुछ ऐसी तस्वीरें जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जिनको देखकर हर कोई हैरान है। पंजाब के किसान परिवार की दो दादी केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन की पोस्टर वुमन बन गई हैं।  

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किसान आंदोलन की 2 धाकड़ दादी, जिन्होंने कंगना को भी करा दिया चुप..इस मूवमेंट की बनीं पोस्टर वुमन


दरअसल, कुछ दिन पहले दोनों दादी को लेकर एक्ट्रेस कंगना रनौत ने एक ट्वीट किया था, जहां एक को शाहीन बाग की बिल्किस बानो दादी बताया था। कंगना को जवाब देते हुए आंदोलन में मोदी सरकार का विरोध कर रहीं महिला किसान  मोहिंदर कौर ने बताया कि हीरोइन के पास  पर्याप्त पैसा है। इसलिए वह बंगले में बैठकर ऐसे बयान देती हैं। मैं अपने पति और किसानों के लिए लड़ रही हूं ना कि मीडिया में आने और पैसे के लिए। 

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यह महिला किसान मोहिंदर कौर हैं। इस आंदोलन में चर्चा का विषय  बनी हुई हैं। वह 80 साल की हैं, लेकिन उनका जज्बा देखने लायक है। वह झुकी कमर से हाथ में लाठी लेकर अपने हक के लिए धरना दे रही हैं। मोहिंदर कौर मूल रुप से बठिंडा जिले की रहने वाली हैं। मोहिंदर ने सितंबर महीने में अपने पति लाभ सिंह के साथ बादल गांव में कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा, 'अब मैं दिल्ली जाना चाहती हूं। उनके पास खेती की 12 एकड़ जमीन है।

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इस आंदोलन की दूसरी दादी का नाम जंगीर कौर है जो बरनाला जिले के कट्टू गांव की रहने वाली हैं। उनकी उम्र भी 80 साल है और उनके पास महज एक एकड़ जमीन है। लेकिन वह दूसरे किसानों के हक के लिए आंदोलन का हिस्सा हैं। उनका कहना है कि हमें मोदी सरकार पर कोई भरोसा नहीं है, इन कानूनों से किसानों को जमीन खोने का डर है।

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यह महिला किसान आंदोलन में अपने साथ अपने ही खेत की उगाई सब्जी और आटा साथ लेकर आई हैं। जो पुरुष किसानों के लिए सुबह शाम  ट्रॉली के पास खाना बनाती हैं और दिन में उनके साथ काननू का विरोध करती हैं।

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