ओलंपिक में इतिहास रच रहीं बेटियां, लेकिन यह खिलाड़ी पार्किंग में बेच रही टिकट..रुला देगी बेटी की कहानी

Published : Aug 07, 2021, 03:34 PM ISTUpdated : Aug 07, 2021, 05:15 PM IST

चंडीगढ़. टोक्यो ओलंपिक में भारत की बेटियां कमाल करते हुए इतिहास रच रही हैं। जिनकी सफलता का जश्न पूरा देश मना रहा है और उनको शुभकामनाएं दे रहे हैं। फिर चाहे मीराबाई चानू हो या महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी, सभी की पूछ परख हो रही है। लेकिन देश में कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हैं, जो आज दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हैं। आलम यह हो गया है कि उन्हें आर्थिक हालातों के कारण अपना खेल छोड़ दो वक्त की रोटी की जुगाड़ के लिए सड़कों पर मेहनत करनी पड़ रही है। ऐसी ही एक युवा मुक्केबाज है जो परिवार के पेट पालने के लिए पार्किंग टिकट बेच रही है। आइए जानते हैं इस खिलाड़ी की मार्मिक कहानी...

PREV
15
ओलंपिक में इतिहास रच रहीं बेटियां, लेकिन यह खिलाड़ी पार्किंग में बेच रही टिकट..रुला देगी बेटी की कहानी

दरअसल, यह इस खिलाड़ी का नाम रितु है, जो कि बॉक्सर है, वह नेशनल लेवल की प्लेयर रह चुकी हैं। लेकिन आज उसकी हालत इतनी बुरी हो गई है कि वह घर चलाने के लिए एक पार्किंग स्लॉट में काम कर रही है। जिन हाथों से वह पहलवानों को चित करती थी अब वो बेबस होकर इन दिनों सेक्टर 22 की पार्किंग टिकट बेच रही है।

25

रितु के पिता बीमार हैं, जिनकी दवाई का खर्चा हर महीने करीब 10 हजार रुपए आता है। जिसके चलते उसे अपना खेल छोड़ना पड़ा। क्योंकि घर में पिता अकेले ही  कमाने वाले थे, लेकिन उनके बीमार होने के चलते अब रितु को काम करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं घर का खर्चा चलाने की खातिर इस प्लेयर ने अपनी पढ़ाई तक बीच में चोड़ दी।

35

बॉक्सर रितु का कहना है कि उसने नेशनल लेवल पर कई मैच खेले हैं और जीत हासिल कर मेडल जीते हैं। है। मेरे पिता ने मुझे खेल में आगे बढ़ने के लिए हर तरह से मदद की। लेकिन पिता की तबीयत खराब होने के बाद मेरी सरकार और हॉकी संस्थान ने कोई मदद नहीं की। अगर उसे मदद मिली होती तो वह भी ओलंपिक में मेडल लाती और देश का नाम रोशन करती।

45

बता दें कि रितु ने फिलहाल 12वीं पास की हुई है। वह आगे पढ़ना चाहती थी, लेकिन  पिता की तबीयत और परिवार की हालत देखते हुए उसे पढ़ाई छोड़ना पड़ा। अगर उसे शासन की तरफ से मदद मिली होती तो शायद वह भी एक बड़ी खिलाड़ी बन सकती थी।

55

रितु का कहना है कि अब मेरी सरकार से विनती है कि वह मेरी मदद करें, जिससे में दोबारा बॉक्सिंग खेल सकूं। साथ ही अपनी पढ़ाई फिर से शुरू कर सकूं। साथ ही उसका कहना है कि वह आर्मी में जाना चाहती है। जिसके लिए वह लगातार एग्जाम भी दे रही है।

पंजाब की राजनीति, किसान मुद्दे, रोजगार, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक-सामाजिक खबरें पढ़ें। चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना और ग्रामीण क्षेत्रों की विशेष रिपोर्ट्स के लिए Punjab News in Hindi सेक्शन देखें — ताज़ा और प्रामाणिक खबरें Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories