ट्रेंडिंग डेस्क। 9/11 Attack: तब अमरीका दुनिया की महाशक्ति कहा जाता था। हम बात कर रहे हैं आज से ठीक 21 साल पहले की यानी 11 सितंबर 2001 की। इस दिन अमरीका में ऐसा आतंकी हमला हुआ, जैसा आज तक कहीं और कभी नहीं हुआ। अमरीका में न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर अलकायदा के आतंकियों ने अब तक का भीषणतम हमला किया। दावा किया जाता है कि इसमें 2 हजार 977 लोगों की मौत हुई। इस हमले से अमरीका तो दहला ही था, दुनिया भी सहम गई थी। आइए तस्वीरों के जरिए उस भयावह मंजर को आज याद करते हैं और मृतकों को श्रद्धांजलि देते हैं।
आतंकी संगठन अलकायदा ने 11 सितंबर 2001 को अमरीका में न्यूयॉर्क सिटी के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर दो अपह्रत विमान के जरिए हवाई हमला किया था। यह हमला उस दिन सुबह साढ़े आठ बजे सुबह के समय हुआ और 45 मिनट के भीतर 110 मंजिल वाले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दो इमारतों को जमींदोज कर दिया।
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इस हमले से ठीक पहले उसी दिन सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर और 8 बजकर 42 मिनट पर चार कमर्शियल विमान उड़े। इनमें दो बोस्टन, एक वाशिंगटन डीसी और एक नेवार्क से कैलिफोर्निया के लिए उड़ा था। मगर इन विमानों का अपहरण अलकायदा के आतंकियों ने पहले ही कर लिया।
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विमानों के अपहरण के बाद आतंकियों ने सुबह 8 बजकर 46 मिनट पर एक विमान को वर्ल्ड ट्रेंड सेंटर के नॉर्थ टॉवर से टकरा दिया। इसके बाद, एक अन्य अपह्रत विमान को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टॉवर से टकरा दिया। इस घटना से सभी भौचक्के रह गए।
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टॉवर की दोनों बिल्डिंग में आग लग गई और जान बचाने के लिए लोग ऊपर से कूदने लगे। अमरीका दहल चुका था और एक के बाद एक दो हमलों से यह स्पष्ट हो चुका था कि यह कोई हादसा नहीं था बल्कि, सोची-समझी सुनियोजित साजिश के तहत हमला था।
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अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को घटना की सूचना दी गई और उन्हें सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। इस हमले के बाद अमरीका से उड़ान भरने वाली सभी विमानों को उड़ने से रोक दिया गया और बाहर से आ रही फ्लाइटों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया।
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इसके बाद अलकायदा आतंकियों ने घटना की जिम्मेदारी ली। हालांकि, उन्होंने तब कहा कि वे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के बजाय अमरीकी संसद यूएस कैपिटॉल को निशाना बनाना चाहते थे। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी यूएस कैपिटॉल पहुंचे और बिल्डिंग को खाली करा लिया।
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हालांकि, आतंकी दो विमानों की टक्कर के बाद भी नहीं रूके। उन्होंने तीसरा विमान 10 बजकर 3 मिनट पर अमरीकी रक्षा विभाग के हेड क्वॉर्टर पेंटागन से टकरा दिया। इसके बाद चौथे विमान को वाशिंगटन डीसी से टकराने की कोशिश हो रही थी, तभी कुछ गड़बड़ी हुई और यह खेत में गिरा मिला।
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सुबह 8 बजकर 46 मिनट पर विमान से टकराने के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का नार्थ टॉवर करीब पौने दो घंटे बाद यानी 10 बजकर 28 मिनट पर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। ये गिरा तो आसपास पूरा क्षेत्र धुंआ और धूल से भर गया था। इसकी वजह से बहुत लोगों को स्वास्थ्य संबंधी अलग-अलग दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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इस पूरी घटना में दावा किया गया कि दो हजार 996 लोगों की मौत हुई। इनमें चार सौ पुलिस विभाग के लोग और फायर फाइटर्स भी शामिल थे। इसके अलावा जो मरे, वे सिर्फ अमरीकी नागरिक नहीं थे बल्कि, 57 देशों के अलग-अलग नागरिक थे। दुखद यह था कि मृतकों में पहचान केवल 291 शव की ही हो पाई।
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घटना के दो घंटे बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दोनों टॉवर की पूरी बिल्डिंग जमींदोज हो चुकी थी। बहुत से लोगों की मौत मलबे में दबने से हुई। यही नहीं, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दोनों टॉवर गिरने के करीब सात घंटे बाद उनके बगल की एक बिल्डिंग और गिर गई, जिससे करीब दस हजार लोग घायल हो गए।
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