उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस मंगलवर को चतुर्थी तिथि का योग बनता है, उसे अंगारक चतुर्थी कहते हैं। इस बार ये योग 2 मार्च को बन रहा है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष या अंगारक योग हो, वे यदि इस दिन कुछ खास उपाय करें तो इनसे मिलने वाले अशुभ फल में कुछ कमी आ सकती है। जब-जब राहु और मंगल की युति होती है तब अंगारक योग का निर्माण होता है। इस योग के निर्माण से प्रभावित लोगों को खून से संबंधित परेशानियां बढ़ जाती हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए अंगारक चतुर्थी के योग में आप कौन-से उपाय कर सकते हैं…
1. अंगारक चतुर्थी के योग में मंगलदेव की पूजा करें और उपवास रखें।
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2. मंगलवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
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3. पानी में लाल चंदन या थोड़ा सा कुंकुम पाउडर डालकर स्नान करें।
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4. अंगारक चतुर्थी के योग में मंगल यंत्र की स्थापना अपने घर में करें और रोज इसकी पूजा करें।
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5. मूंगा रत्न, मसूर की दाल, तांबा, गुड़, घी का दान करें।
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6. किसी ज्योतिषी से जानकारी लेकर मूंगा रत्न धारण करें।
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7. अंगारक चतुर्थी के योग में भात पूजा करने से भी मंगलदेव प्रसन्न होते हैं।
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8. हनुमानजी को गुड़-चने का भोग लगएं।
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