उज्जैन. पंचांग के अनुसार, हर महीने के अंतिम दिन जब चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होता है, इस तिथि को पूर्णिमा कहते हैं। इस तरह साल में 12 पूर्णिमा तिथि होती है। इन सभी में आश्विन मास की पूर्णिमा का खास महत्व है। इसे शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2021) कहते हैं। इस बार ये पूर्णिमा 20 अक्टूबर को है। इसे कोजागरी या कोजागर पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। ज्योतिष के दृष्टिकोण से भी ये तिथि बहुत खास है क्योंकि इस रात को कई उपाय किए जा सकते हैं, जिनसे हमारी परेशानियां दूर हो सकती हैं। आगे जानिए शरद पूर्णिमा की रात में कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं…
शिवजी ने अपने मस्तक पर चंद्र धारण किया हुआ है, इसीलिए शिवजी की पूजा से चंद्रदेव भी प्रसन्न होते हैं और कुंडली के चंद्र संबंधी दोष भी दूर होते हैं। इस पूर्णिमा पर शिवजी के लिए यह उपाय करेंगे तो लक्ष्मी कृपा प्राप्त हो सकती है। शरद पूर्णिमा की रात में आप शिवजी को खीर का भोग लगाएं। खीर घर के बाहर या छत पर चंद्र के प्रकाश में रखकर बनाएं। भोग लगाने के बाद खीर का प्रसाद ग्रहण करें। इस उपाय से मानसिक शांति तो मिलेगी। साथ ही, आर्थिक लाभ मिल सकता है। यह खीर स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद रहती है।
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शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2021) की रात में महालक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और महालक्ष्मी मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करें। इसके लिए कमल के गट्टे की माला से जाप करना चाहिए। मंत्र- ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम:।
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शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2021) की रात में हनुमानजी के सामने चौमुखा दीपक जलाएं। इसके लिए आप मिट्टी का एक दीपक लें और उसमें तेल या घी भरें। इसके बाद दीपक में रुई की बत्तियां ऐसे लगाएं कि बत्तियों को चारों ओर से जलाया जा सके। दीपक लगाने के साथ ही हनुमान चालीसा का जाप करें। यदि हनुमान चालीसा का जप नहीं कर पा रहे हैं तो सीताराम-सीताराम या श्रीराम के नाम का जप करें।
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