नेपाल से आकर गिरे गिद्ध से डरे लोग, शरीर में लगे थे GPS टैग; ऐसे की गई खातिरदारी

Published : May 07, 2020, 05:20 PM ISTUpdated : May 07, 2020, 05:24 PM IST

कुशीनगर (Uttar Pradesh)।  एक गिद्ध शाहपुर नौका टोला में गिर पड़ा, जिसके शरीर में जीपीएस टैग लगे थे। पंखों में कोडिंग की गई थी, जिसे देख गांव के लोग डर गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो मौके पर वन विभाग ने खड्डा रेंज के अधिकारियों को भेजा, जो देखने के बाद लोगों को बताए कि यह गिद्ध नेपाल राष्ट्र के चितवन गिद्ध संरक्षण से केंद्र से भटकर आ गया है। वे उसे कब्जे में लेकर रेंज परिसर लाए। जहां से आज गिद्ध को छोड़ दिया गया। हालांकि इस दौरान गिद्ध को खाने के लिए मांस की व्यवस्था भी की गई थी।

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नेपाल से आकर गिरे गिद्ध से डरे लोग, शरीर में लगे थे GPS टैग; ऐसे की गई खातिरदारी

शाहपुर नौका टोला में गिरे गिद्ध को देखकर गांव के लोग डर गए थे। सूचना पर खड्डा रेंज के अधिकारी उसे लेकर चले गए । यहां गिद्ध का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद उसे खाने के लिए मांस दिया गया।
 

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गिद्ध के स्वास्थ्य में सुधार होने पर डीएफओ कुशीनगर वीसी ब्रह्मा के नेतृत्व में वनकर्मियों ने आज दिन में निचलौल रेंज अंतर्गत बैठवलिया बीट के अर्जुनही कंपार्ट नंबर दो में गिद्ध को छोड़ दिया।
 

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निचलौल रेंजर जगरनाथ प्रसाद ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान एक गिद्ध नेपाल राष्ट्र के चितवन गिद्ध संरक्षण केंद्र से भटकर कुशीनगर जिले के खड्डा रेंज में चला आया था। लॉकडाउन में पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण गिद्ध कमजोर होकर जमीन पर गिर गया था।

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चितवन गिद्ध संरक्षण केंद्र द्वारा गिद्ध के पीठ एवं पंख पर जीपीएस टैंग लगाकर नंबरिंग की गई है। इसे अर्जुनही जंगल में छोड़ा गया है, जबकि एक सप्ताह पहले इसी जंगल में एक और गिद्ध को छोड़ा जा चुका है।

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गिद्ध को प्रजनन एवं संरक्षण केंद्र द्वारा संरक्षित करते हुए टैग व जीपीएस लगाकर छोड़ा गया है। जीपीएस ट्रैकर के माध्यम सें उसकी लोकेशन व गतिविधियों की जानकारी कर डाटा तैयार किया जाता है। बता दें कि पहले भी इस तरह के गिद्ध आ चुके हैं।
 

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