Published : Apr 13, 2020, 12:11 PM ISTUpdated : Apr 13, 2020, 01:31 PM IST
कानपुर (Uttar Pradesh) । लॉकडाउन के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसे लेकर लोग परेशान हैं, क्योंकि ये हकीकत पूरी तरह किसी डरावनी फिल्म की स्टोरी से कम नहीं थी। जी हां नयागंज में पानी के बताशे की मशहूर दुकान चलाने वाले शंकर बताशे वाले को दिवंगत समझ परिजनों ने उनके दाह संस्कार की तैयारी कर लिए थे। लेकिन, जब उनको अर्थी पर लेटाया जाने लगा तो वह इसारों से बोल उठे कि कहां ले जा रहे हो। यह सब देख मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि अस्पताल में इलाज के दौरान 6 घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
हरबंश मोहाल थाने के 64/80 गड़रिया मोहाल में रहने वाले 80 वर्षीय शंकर की सुबह तबीयत खराब हो गई। सांस और धड़कन न चलने से उन्हें परिजनों ने मृत समझ लिया।
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परिजन उनके दाह संस्कार की तैयारियां करने लगे। अर्थी तैयार हो गई और कंडे भी सुलगा दिए गए। जब उनको सुबह 11 बजे नीचे उतार कर लाया जाने लगा तो उन्हें होश आ गया और इशारों में कहा कि कहां ले जा रहे हो।
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परिवार के लोग जिसे मरा समझ रहे थे। उसके इशारे को देख मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि परिजनों में आशा की एक किरण दिखी। आनन फानन में माल रोड के नार्थ स्टार अस्पताल ले जाया गया। चार घंटे जीवित रहने के बाद उनका निधन हो गया।
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नार्थ स्टार अस्पताल में निधन के बाद परिवार के लोग शव को घर लाए। इसके बाद परंपराओं के मुताबिक फिर से तैयारी की। इसके बाद उनकी अंतिम शव यात्रा निकाली। हालांकि लॉक डाउन के कारण गिने ही लोग शामिल हुए।
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परिजन शव लेकर भगवतदास घाट पहुंचे। जहां उनका अंतिम संस्कार कराया गया। बता दें कि शकर की नयागंज में पानी के बताशे की मशहूर दुकान है, जहां वो शंकर बताशे वाले के नाम से प्रसिद्ध थे।
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