दिव्यांग की कहानी सुन DSP का दिल पसीजा, बेटी को ढूंढ़ने महिला ने पुलिस की गाड़ी में 12 हजार का तेल भराया

Published : Feb 02, 2021, 02:52 PM ISTUpdated : Feb 02, 2021, 03:32 PM IST

कानपुर (Uttar Pradesh) । बेटी को खोजने के लिए दिव्यांग मां भीख मांगकर पैसे जुटाती थी। इन पैसे से पुलिस अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाती थी। यह मामला तब खुला जब पीड़िता डीआईजी के पास शिकायत करने पहुंच गई। पैर से दिव्यांग और फटी धोती पहने इस महिला की कहानी जब डीआइजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने सुनी तो उनका भी दिल पसीज गया। उन्होंने तत्काल महिला की बेटी को ढूंढने आदेश दिया। साथ ही खुद अपनी गाड़ी से महिला को उसके घर भिजवाया। जिसकी पूरी कहानी हम आपको बता रहे हैं।

PREV
15
दिव्यांग की कहानी सुन DSP का दिल पसीजा, बेटी को ढूंढ़ने महिला ने पुलिस की गाड़ी में 12 हजार का तेल भराया

चकेरी के सनिगवां गांव की रहने वाली गुड़िया बैसाखी के सहारे चलती है और भीख मांगकर गुजारा करती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसकी 15 साल की बेटी एक महीने से लापता है। दूर के रिश्तेदार पर अगवा करने का आरोप है।

25

गुड़िया की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी तो दर्ज कर ली। लेकिन, बेटी की बरामदगी की फरियाद लिए जब भी थाने जाती उसे फटकार भगा देते थे। आरोप है कि सीएम ऑफिस में भी गुहार लगाने गई, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। 
 

35

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता अब डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह के पास भी पहुंच गई। जहां बेटी की गुहार लगाने लगाने की मांग करने लगी। साथ ही आरोप लगाया कि वह भीख मांगकर अब तक 10 से 12 हजार का डीजल भरवा चुकी है। लेकिन, उसकी बेटी नहीं मिली है।

45

पीड़िता के मुताबिक सनिगवां चौकी प्रभारी ने उसे बुलाया और कहा, उसकी बेटी को तलाशना है। इसके लिए गाड़ी में जो डीजल खर्च होगा, उसे देना होगा। इसके नाम पर दारोगा ने चार बार ढाई-ढाई हजार रुपए का डीजल गाड़ी में भरवाया। बेटी नहीं मिली और उसका दस हजार रुपया भी खर्च हो गया। पिछले दिनों जब वह शिकायत लेकर सनिगवां चौकी पहुंची तो उसे भगा दिया गया था।

55

डीआइजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि महिला की बेटी को बरामद करने के आदेश दिए गए हैं। दारोगा को लाइन हाजिर कर उसके खिलाफ जांच कराई जा रही है

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories