Jal Jeevan Mission Update: उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच एमओयू हुआ है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक साफ पेयजल पहुंचाने की योजना को तेजी मिलेगी और जलापूर्ति, स्वास्थ्य व जीवन स्तर में सुधार होगा। जानिए पूरी डिटेल।
Jal Jeevan Mission 2 Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में साफ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बुधवार को एक बड़ी पहल की गई। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ। यह समझौता मिशन के नए चरण की शुरुआत का संकेत है, जिसे हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली है। यह एमओयू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में वर्चुअल माध्यम से पूरा हुआ।
जल जीवन मिशन 2.0: हर घर नल से जल को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘हर घर नल से जल’ योजना को तेजी से लागू करने में यह समझौता अहम भूमिका निभाएगा। इससे जलापूर्ति योजनाओं को बेहतर तरीके से, तय समय में और अच्छे परिणामों के साथ लागू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इसका सीधा फायदा ग्रामीण परिवारों को मिलेगा, जिन्हें अब सुरक्षित और साफ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
केंद्र-राज्य समन्वय से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने इस पहल को केंद्र और राज्य के बेहतर तालमेल का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अब हर व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तेजी से पूरा हो रहा है।
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले बहुत कम गांवों तक ही पाइप से पानी पहुंचता था, लेकिन अब हजारों गांवों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों में पहले दूषित पानी के कारण गंभीर बीमारियां होती थीं, वहां अब हालात में तेजी से सुधार आया है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर नियंत्रण में स्वच्छ पेयजल और बेहतर सफाई व्यवस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सिर्फ कनेक्शन नहीं, रखरखाव पर भी फोकस
सरकार का ध्यान केवल घरों तक पानी पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के लंबे समय तक सुचारु संचालन और रखरखाव पर भी बराबर जोर दिया जा रहा है। कई गांवों में जलापूर्ति के साथ-साथ उसकी देखभाल और मेंटेनेंस व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है, ताकि लोगों को लगातार पानी मिलता रहे।
बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों में पहुंचा नल का पानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले यह योजना सीमित क्षेत्रों तक ही थी, लेकिन अब इसे उन सभी गांवों तक बढ़ाया गया है जहां पाइप से पानी की सुविधा नहीं थी। बुंदेलखंड और विंध्य जैसे इलाके, जहां कभी पानी की भारी कमी थी, अब वहां भी घर-घर नल से जल पहुंचाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री का बयान: गुणवत्ता और टिकाऊपन जरूरी
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि सभी योजनाएं इस तरह बनाई जाएं कि वे लंबे समय तक टिकाऊ रहें और लोगों को निरंतर लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि यह समझौता न सिर्फ पेयजल व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगा।
कार्यक्रम में इन नेताओं की भी रही मौजूदगी
इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।


