आंखों के सामने विकास दुबे का एनकाउंटर देखना चाहती है शहीद सिपाही की पत्नी, कहा- अपने हाथ से देना चाहती हूं मौत

Published : Jul 07, 2020, 04:06 PM IST

झांसी(UTTAR PRADESH).  2 जुलाई की रात कानपुर के विकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार चल रहे ढाई लाख का इनामी बदमाश विकास दुबे की तलाश जारी है। पुलिस की तकरीबन 100 टीमें उसे तलाशने में लगी हुई हैं। लेकिन अभी तक ये हत्यारा पुलिस के हत्थे नही चढ़ सका है। इस मुठभेड़ में झांसी के भोजला गांव के रहने वाले सिपाही सुल्तान सिंह वर्मा भी शहीद हुए थे। सुल्तान की शहादत पर एक ओर जहां उनके परिवार में गमों का पहाड़ सा टूट गया है वहीं दूसरी ओर उनमें भारी गुस्सा भी है। शहीद सिपाही सुल्तान सिंह की पत्नी ने कहा है कि वह अपने हाथों से हत्यारे विकास का एनकाउंटर करना चाहती हूं।

PREV
15
आंखों के सामने विकास दुबे का एनकाउंटर देखना चाहती है शहीद सिपाही की पत्नी, कहा- अपने हाथ से देना चाहती हूं मौत

कानपुर एनकाउंटर में शहीद सिपाही सुल्तान सिंह वर्मा की शहादत के बाद पत्नी व परिजनों में गुस्से के भाव थम नहीं रहा है। शहीद की पत्नी उर्मिला ने कहा कि हत्यारे विकास दूबे की एनकाउंटर उसके सामने हो। क्योकि मैं खुद अपने हाथों से उसका खात्मा करना चाहती हूं।
 

25


शहीद सिपाही सुल्तान सिंह वर्मा की पत्नी उर्मिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस विभाग की मिली भगत से जघन्य हत्याएं हुई है। मुझे नहीं लगता कि विकास दूबे कभी पकड़ा जाएगा।

35

पत्नी ने बेबाक कहा कि विकास दुबे उसके पति का हत्यारा है। पकड़े जाने पर पुलिसवाले उसे गोलियों से भून डालें। उसने उसके पति ही नहीं बल्कि कई पुलिकर्मियों को बेखौफ होकर मौत के घाट उतारा है। उसे सजा नहीं बल्कि मौत मिलना चाहिए।
 

45

विकास दुबे की अब तक गिरफ्तारी न होने के चलते पत्नी व परिजन निराश हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द पुलिस को उसे गिरफ्तार कर मौत की नींद सुला देना चाहिए। जब तक उसकी दर्दनाक मौत नहीं होती, तब तक पूरा परिवार चैन की नींद नहीं सो पाएगा।
 

55

मुठभेड़ में शहीद हुए सिपाही सुल्तान सिंह वर्मा की पत्नी को 80 लाख का चेक यूपी सरकार की तरफ से दिया गया। वहीं प्रभारी मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री ने 20 लाख रुपये का चेक शहीद सिपाही के पिता को सौंपा।

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories