Published : Apr 25, 2020, 08:50 AM ISTUpdated : Apr 25, 2020, 12:28 PM IST
प्रयागराज (Uttar Pradesh) । कोरोना वायरस को लेकर सरकार अभी परेशान है। इसके रोकथाम के लिए लॉकडाउन लागू किया है, लेकिन प्रयागराज में एक नये बीमारियों ने दस्तक दे दिया है, जिसके कहर से पिछले कुछ दिनों में अब तक एक ही हास्पिटल में नौ लोगों की मौत हो गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के पास यह आंकड़े नहीं हैं कि अन्य अस्पतालों में कितने लोगों की मौत इस बीमारी से हुई है, जबकि एक समाचार पत्र के मुताबिक मरने वालों की संख्या इससे कई गुना अधिक है। हालांकि चिकित्सक इसकी वजह बदलते मौसम के साथ क्रानिक बीमारियों को वजह मान रहे हैं।
प्रयागराज जिले में तीन नए कोरोना संक्रमित युवक मिले हैं। अब कुल संक्रमितों की संख्या 4 हो गई है। हालांकि इनमें पहला संक्रमित युवक ठीक हो गया है।
210
दूसरी ओर नई बीमारियों से एसआरएन में पिछले कुछ दिनों में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में सबसे ज्यादा मरीज सांस में तकलीफ के थे। डॉक्टर इसकी वजह बदलते मौसम के साथ क्रॉनिक बीमारियों को मान रहे हैं।
310
एसआरएन में मरने वालों में सबसे ज्यादा मरीज सांस में तकलीफ के थे। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. सुजीत कुमार कहते हैं कि बदलते मौसम की वजह से सांस या दमा रोगियों में एलर्जी होने से परेशानी बढ़ी है।
410
सांस लेने में तकलीफ होने पर कई मरीजों को भर्ती किया गया। इनकी कोरोना की कराई गई जांच निगेटिव आई लेकिन उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बचाना मुश्किल हो गया।
510
इनमें एक मरीज कैंसर का था जबकि, एक गर्भवती महिला की मौत हृदयघात से हुई। इसके पहले एक महिला अपने तीन माह के बच्चे को समय पर अस्पताल लेकर नहीं पहुंच सकी। इससे उसकी मौत हुई।
610
ग्रामीण इलाकों में भी इसी तरह के कई मामले सामने आएं हैं। कोरावं में मुंबई से आए एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि मउआइमा में भी एक युवक ने काम करते समय दम तोड़ दिया। घर वालों ने सांस लेने में तकलीफ होना बताया। ऐसे लोग अस्पताल तक पहुंच ही नहीं सके।
710
प्रशासन की ओर से बीमार लोगों को अस्पताल जाने की छूट है लेकिन लॉकडाउन से लोग अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं। जब हालत गंभीर हो जाती है तब अस्पताल पहुंचते हैं।
810
कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. सुजीत कुमार कहते हैं कि बदलते मौसम की वजह से सांस या दमा रोगियों में एलर्जी होने से परेशानी बढ़ी है। सांस लेने में तकलीफ होने पर कई मरीजों को भर्ती किया गया। इनकी कोरोना की जांच निगेटिव आई। लेकिन, उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बचाना मुश्किल हो गया।
910
बता दें कि प्रयागराज शहर के कुछ निजी अस्पतालों में लॉकडाउन से इमरजेंसी सेवाएं संचालित हैं, लेकिन वहां से रेफर होकर मरीज एसआरएन चिकित्सालय ही आ रहे हैं।
1010
एसआरएन के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव कहते हैं कि जो गंभीर हैं, उसे एडमिट कर इलाज किया जा रहा है। मरीजों को बेहतर देखभाल के लिए सभी विभागों की एक कमेटी भी बना दी गई है। कई ऐसे मरीज होते हैं जो गंभीर होते हैं, इलाज किया जाता है लेकिन वे बच नहीं पाते हैं।
उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।