CM योगी आदित्यनाथ ने कैम्पियरगंज में प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की। यह विश्वविद्यालय युवाओं को रोजगार के अवसर देगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कैम्पियरगंज में बनने जा रहा प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय (Forestry and Horticulture University) युवाओं के लिए रोजगार की नई राह खोलेगा। यहां से डिग्री और डिप्लोमा लेने वाले छात्रों के लिए देश और विदेश में नौकरी के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय के उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र और भारतीय संस्कृति में कृतज्ञता का भाव
सीएम योगी ने कैम्पियरगंज में बने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कृतज्ञता व्यक्त करना भारतीय संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि जब रावण माता सीता का हरण कर रहा था, तब सबसे पहले गिद्धराज जटायु ने उसका विरोध किया था। जटायु भगवान विष्णु के वाहन भी माने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि रासायनिक दवाओं और कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से गिद्धों की संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में उनके संरक्षण के लिए कैम्पियरगंज में विशेष केंद्र की स्थापना की गई है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण से निपटने में मददगार होगा वानिकी विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण है। वायु प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां डॉक्टर बच्चों, बुजुर्गों और दमा के मरीजों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास के साथ स्वच्छ वातावरण की दिशा में भी काम हो रहा है। कैम्पियरगंज में बनने वाला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय वन क्षेत्र बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
2017 के बाद गोरखपुर में तेज विकास: खाद कारखाना, एम्स और उद्योगों को मिला बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो अच्छे परिणाम अपने आप सामने आते हैं। वर्ष 2017 के बाद गोरखपुर में कई बड़े विकास कार्य हुए हैं। बंद पड़ा खाद कारखाना दोबारा चालू हुआ, एम्स गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, बीआरडी मेडिकल कॉलेज उत्कृष्ट चिकित्सा केंद्र बन गया है। पिपराइच की चीनी मिल फिर से शुरू हुई, धुरियापार में कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित हुआ और गीडा क्षेत्र में नए उद्योग लगे हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह सोच वर्तमान और आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है।
जंगल कौड़िया और कैम्पियरगंज में बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार
मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया ब्लॉक के हर गांव से अपने जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह यहां के हर गांव में गए हैं और लोगों की समस्याओं को करीब से जाना है। बाढ़ के समय भी वे सीधे लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने बताया कि कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास बनने से लखनऊ की दूरी कम हो गई है और तीन से साढ़े तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है। चिउटहा से कुशीनगर मात्र आधे घंटे में पहुंचा जा सकता है। क्षेत्र की प्रमुख सड़कें फोरलेन हो चुकी हैं और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है।
शिक्षा, खेल और सामाजिक कल्याण योजनाओं से बदली तस्वीर
जंगल कौड़िया में पूज्य ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में डिग्री कॉलेज स्थापित किया गया है, जहां 2000 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। स्टेडियम और कुश्ती प्रशिक्षण की सुविधा से युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। सरकार की योजनाओं के तहत आवास, शौचालय, मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत और पेंशन जैसी सुविधाएं पात्र लोगों तक पहुंचाई गई हैं।
पूर्व प्रमुख रामपति यादव को श्रद्धांजलि, वर्तमान प्रमुख के कार्यों की सराहना
मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक जनसेवा की। वर्तमान ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि ब्लॉक निधि और योजनाओं का सही उपयोग कर ब्लॉक भवन में वातानुकूलित सभागार और सोलर पैनल की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने भरोहिया ब्लॉक के विकास की भी प्रशंसा की और कहा कि विकास कार्यों में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी बनने का दावा
कैम्पियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से यहां एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी बनने जा रही है। शीघ्र ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम के चेयरमैन रमाकांत निषाद, पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य विजय शंकर यादव, जिला मंत्री सदानंद शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण और पौधरोपण
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया ब्लॉक परिसर में हुए पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने शहीद स्मारक स्थल और स्वर्गीय रामपति यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। साथ ही रुद्राक्ष का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने सभी लोगों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।


