Published : Mar 26, 2020, 02:53 PM ISTUpdated : Mar 26, 2020, 02:55 PM IST
लखनऊ(Uttar Pradesh ). कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए पूरा देश इस समय लॉकडाउन पर है। उत्तर प्रदेश में भी लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की बैठकें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखते हुए की जा रही है। वहीं आम लोग भी कोरोना से चल रही इस जंग में पूरी सतर्कता बरतते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रख रहे हैं। लॉकडाउन में वैसे भी लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं लेकिन जरूरी सामानों की खरीददारी के समय लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रख रहे हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से रोकने को लेकर बेहद गंभीर मुख्यमंत्री की बैठकों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। यहां पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बैठक चाहे लोक भवन में हो या फिर सीएम योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर, हर जगह अब मुख्यमंत्री और अफसर एक-दूसरे से निश्चित दूरी पर बैठ रहे हैं और प्रदेश के हालातों की समीक्षा कर रहे हैं।
27
सूबे के तकरीबन हर जिले में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने दुकानों के आसपास तकरीबन एक मीटर की दूरी पर गोला बना दिया है। सामान लेने के लिए एक कस्टमर को एक गोले में खड़ा होना पड़ेगा। पहला कस्टमर जब सामान लेकर आगे बढ़ जाएगा तो उसके पीछे वाला कस्टमर आगे के गोले में आ जाएगा।
37
मथुरा में लॉकडाउन को लेकर जिला प्रशासन ने आमजन की सुविधाओं को देखते हुए व्यवस्थाओं में परिवर्तन किया है। इसके तहत बृहस्पतिवार को प्रात: 4:00 बजे से 11:00 बजे तक अलग-अलग पाली में दुकानें खोली गई। थोक की दुकानों पर प्रात: 6:00 बजे तक बिक्री की गई जबकि इसके बाद फुटकर के सामान 11:00 बजे तक बेचे गए। इस दौरान शहर की सड़कों पर वाहन चलते नजर आए। सबसे अधिक भीड़ का दबाव मेडिकल की दुकानों पर देखने को मिला।
47
दवा, फल-सब्जी व किराने की दुकानों को कई जिलों में खोलने का आदेश दे दिया गया है। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग न करने वालों व भीड़ लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं बिना किसी एमरजेंसी के घर से निकलने वालों के खिलाफ भी यूपी पुलिस सख्ती से पेश आ रही है।
57
आगरा 22 मार्च से लॉकडाउन है। इस वजह से रोड किनारे झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने वालों को मजदूरी नहीं मिल रही है। ये ऐसे परिवार हैं, जो दिन भर मजदूरी करने के बाद शाम को लौटते वक्त राशन लेकर आते थे। अब राशन का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। यह बात पुलिसवालों को पता चली तो उन्होंने मदद की। राशन और जरूरी सामान भी दिया।
67
सीएम ने निर्देश दिया कि रैन बसेरा, धर्मशालाओं में रह रहे लोगों के लिए कुक्ड फूड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा मुनाफाखोरी करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि रैन बसेरों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे के बाहर तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कोई भी व्यक्ति भूखा-प्यासा न रहे।
77
सीएम ने कहा है कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से ग्राम प्रधानों से संवाद स्थापित किया जा रहा है। हर जगह पर अधिकारी तथा सभी लोग गांवों में कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करें। उन्होंने जिला प्रशासन तथा पुलिस के अधिकारियों को संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।