Published : Oct 17, 2021, 03:13 PM ISTUpdated : Oct 17, 2021, 03:14 PM IST
बस्ती। जिले में एक अनूठा मामला सामने आया है। यहां सदर कोतवाली के भदेश्वरनाथ गांव में रहने वाले सोमनाथ निषाद पुलिस (Basti Police) से इतना परेशान हो गए कि 70 किमी दूर न्याय मांगने के लिए भगवान राम के पास पैदल अयोध्या (Ayodhya) गए हैं। वे हाथ में तख्ती और गले में बैनर टांगे हैं। इन पर पुलिस-प्रशासन पर प्रताड़ित करने के बारे में लिखा है। सोमनाथ कहते हैं कि मैं न्याय मांगने बस्ती से पैदल चल कर अयोध्या प्रभु श्रीराम के पास जा रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि भगवान राम अब मेरे साथ न्याय करेंगे। आईए जानते हैं सोमनाथ का पूरा मामला...
भगवान राम ही न्याय दिलाएंगे
सोमनाथ का आरोप है कि पुलिस ने उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। वे केस वापस लेने की मांग कर रहे हैं, इसके लिए जिले के पुलिस-प्रशासन के अफसरों से मिले। उन्हें सच्चाई बताई और सबूत दिखाए। मगर, न्याय नहीं मिला। उन्होंने वापस लेने के लिए सब का दरवाजा खटखटा गया, लेकिन उनको कहीं से इंसाफ नहीं मिला तो अब वो इंसाफ मांगने के लिए बस्ती से अयोध्या भगवान राम के पास गए हैं। उनको विश्वास है कि भगवान राम उनके साथ इंसाफ करेंगे।
पुलिस ने मारपीट मामले में गुंडा ऐक्ट लगा दी
दरअसल, पाटीदारों के आपसी विवाद में सोमनाथ निषाद के साथ 7-8 महीने पहले मारपीट हुई थी, जिसमें पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। सोमनाथ ने तत्कालीन एसआई दीपक सिंह पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया। मारपीट के मामले में गंभीर धाराओं समेत गुंडा एक्ट में कार्रवाई की गई, जिसको लेकर सोमनाथ पुनर्विवेचना के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था। जब उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उसने भगवान राम के शरण में जाकर इंसाफ मांगने का फैसला किया।
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जिस एसआई ने केस दर्ज किया, वो फर्जी केस के लिए चर्चित...
बता दें कि एसआई दीपक सिंह वही हैं, जिन्होंने एक लड़की और उसके परिजन पर 8 फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए थे, जिसका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया था। दीपक सिंह बर्खास्त हुआ और मुकदमा दर्ज हुआ। इसके साथ ही जेल भेजा गया। तत्कालीन एसपी हेमराज मीणा पर गाज गिरी। एएसपी और सीओ को भी हटा दिया गया था।
20 हजार न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने के आरोप
मामला थाना कोतवाली के सोनूपार चौकी का है। सोमनाथ का कहना था कि तत्कालीन चौकीइंचार्ज दीपक कुमार सिंह ने उस पर फर्जी मुकदमे में धारा 308, 323, 325, 504 और गुंडा ऐक्ट लगाया था। वो मुझसे 20 हजार की मांग कर रहा था। मैं गरीब आदमी हूं, पैसा नहीं दे पाया, इसलिए कार्रवाई कर दी।
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धरना दिया तो 4 दिन की जेल मिली, इंसाफ नहीं
सोमनाथ कहते हैं कि मैंने इंसाफ के लिए बस्ती डीएम, एसपी, एडीजी और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। डीएम कार्यालय पर धरना दिया। जिसके बाद 4 दिन की जेल मिली, परंतु न्याय नहीं मिला। मैं लखनऊ में मुख्यमंत्री के आवास कालीदास मार्ग पर धरने पर बैठा तो मेरा एप्लिकेशन लिया गया, मगर अब तक न्याय नहीं मिला। इसके बाद मैं 10 अक्टूबर को एसपी के पास गया। उन्होंने कहा कि फिर से विवेचना कराई जाएगी। मेरे साथ छल किया जा रहा है।
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