भाई के गलत काम की वजह से चर्चा में यह मंत्री, कभी बच्चों को टीवी पर फिल्में दिखा कमाता था पैसे

Published : Feb 07, 2020, 12:12 PM ISTUpdated : Feb 07, 2020, 12:19 PM IST

प्रयागराज (Uttar Pradesh). यूपी के प्रयागराज में गुरुवार को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी का भाई कृष्ण गोपाल जुआ खेलते 20 लोगों के साथ ​गिरफ्तार किया गया। बता दें, 10वीं पास कैबिनेट मंत्री नंदी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रयागराज साउथ से बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले ये बसपा और कांग्रेस में भी रह चुके हैं। राजनीतिक लाइफ के अलावा इनकी लव स्टोरी भी काफी फिल्मी है। आज हम आपको यूपी के इस मंत्री के बारे में बताने जा रहे हैं।

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भाई के गलत काम की वजह से चर्चा में यह मंत्री, कभी बच्चों को टीवी पर फिल्में दिखा कमाता था पैसे
नंद गोपाल नंदी ने अभिलाषा मिश्रा से लव मैरिज की है। बताया जाता है कि ग्रैजुएशन के दौरान ही अभिलाषा का अफेयर नंदी से हो गया था।
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नंदी और अभिलाषा के घर में करीब 500 मीटर का फासला था। हालांकि, इनके घरवालों को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। 10वीं के बाद नंदी ने पढ़ाई छोड़ दी और खुद का बिजनेस जमाने में लग गए। जबकि, अभिलाषा ने पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उनके पास एमए की डिग्री है।
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अभिलाषा ब्राह्मण परिवार से हैं। बताया जाता है कि उनकी फैमिली को यह बर्दाश्त नहीं था कि उनकी लड़की एक गुप्ता लड़के से संबंध रखे।
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परिवारवालों को अपने रिश्ते के खिलाफ देख दोनों ने 2 साल के अफेयर के बाद 1995 में भागकर शादी कर ली। हालांकि, शादी के कुछ साल बाद दोनों की फैमिली ने उन्हें अपना लिया। आज दोनों के 3 बच्चे हैं। 2 बेटे और एक बेटी।
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नंद गोपाल के करीबी बताते हैं, नंदी की शुरुआती जिंदगी गरीबी में कटी। 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने के बाद वो बहादुरगंज की गलियों में बच्चों को ब्लैक एंड व्हाइट टीवी पर फिल्में दिखाते थे।
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साल 2017 के चुनाव में दिए एफिडेविट के अनुसार, नंद गोपाल आज 57 करोड़ रुपए के मालिक हैं।
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2007 में नंदी मायावती सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे। इनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी भी बीएसपी के सपोर्ट से साल 2010 में इलाहाबाद शहर की मेयर चुनी गई थीं। साल 2014 मे मायावती ने नंदी और उनकी पत्नी को पार्टी से निष्काषित कर दिया।
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साल 2014 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नंद गोपाल कांग्रेस में शामिल हो गए। इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद साल 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ये बीजेपी मे शामिल हुए और शहर दक्षिणी से विजयी हुए।

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