अलीगढ़ के अस्पताल में भर्ती 38 वर्षीय वेदपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामला 5 साल पुराने प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। पुलिस ने महिला के कांस्टेबल पिता को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी PAC जवान फरार है।

अलीगढ़ के एक प्राइवेट अस्पताल में सोमवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां भर्ती एक 38 साल के मरीज को गोलियों से भून दिया गया। मौके पर मौजूद दूसरे मरीजों और तीमारदारों के बीच दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि प्रदेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) के एक जवान समेत दो हथियारबंद लोग अस्पताल में घुसे और फायरिंग शुरू कर दी। पीड़ित वेदपाल सिंह को फौरन एक बड़े मेडिकल सेंटर ले जाया गया, लेकिन मंगलवार दोपहर तक उनकी मौत हो गई।

5 साल से चल रहा था अफेयर

पुलिस की शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग का निकला है। वेदपाल का मथुरा की एक महिला से पिछले पांच साल से अफेयर था। लेकिन लड़की के घरवाले इस रिश्ते के खिलाफ थे और उन्होंने इस साल की शुरुआत में उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। वेदपाल ने कथित तौर पर इस शादी को तुड़वाने की कोशिश की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर कुछ समय के लिए जेल भी भेजा गया था। वो शादी तो टूट गई, लेकिन बाद में महिला की शादी किसी और से हो गई। इसके बावजूद, उसका परिवार वेदपाल को ही दोषी मानता रहा।

देवेंद्र यूपी पुलिस में कांस्टेबल

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि महिला के पिता देवेंद्र चौधरी को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया है। देवेंद्र यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं और बागपत में तैनात हैं। वहीं, महिला का चचेरा भाई भूपेंद्र चौधरी, जो 28 साल का PAC जवान है, और उसका एक साथी इस हमले के मुख्य आरोपी हैं। पुलिस ने हत्या के लिए BNS की धारा 103 के तहत केस दर्ज किया है और बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।

पारिवारिक रिश्ते और बढ़ता तनाव

सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) नीरज कुमार जादौन ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि वेदपाल और महिला के बीच लंबे समय से चल रहे रिश्ते की वजह से उसके परिवार में काफी नाराजगी थी। परिवार का आरोप था कि वेदपाल ने लड़की की शादी में अड़ंगा डाला था, जिसके चलते उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं।

कनून की पढ़ाई कर रहा था वकालत

वेदपाल खैर के अहरौला गांव के रहने वाले थे। हमले वाले दिन ही उनके हाथ में फ्रैक्चर का ऑपरेशन हुआ था। उनके चचेरे भाई कुलदीप तोमर ने पत्रकारों को बताया कि वेदपाल ने कानून की पढ़ाई की थी और एक वकील के साथ काम करते थे। कुलदीप ने जोर देकर कहा कि वेदपाल का महिला के साथ रिश्ता सच्चा था, लेकिन महिला के पिता, भाई और चचेरे भाई, जो सभी यूपी पुलिस में हैं, इसका कड़ा विरोध कर रहे थे।

अब आगे क्या करेगी यूपी पुलिस

इस घटना ने कानून लागू करने वाले पुलिसकर्मियों के ही हिंसक वारदातों में शामिल होने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में सेवारत पुलिस अधिकारियों और एक PAC जवान का नाम आने से जांच पर दबाव और बढ़ गया है। फिलहाल, पुलिस भूपेंद्र चौधरी और उसके साथी की तलाश में जुटी हुई है।