अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खमेनेई का अंतिम संस्कार 9 जुलाई को होगा। उनकी मौत के 106 दिन बाद यह ऐलान किया गया है। अंतिम संस्कार से पहले देश में तीन दिनों तक शोक यात्रा भी निकाली जाएगी।
तेहरान: ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खमेनेई के अंतिम संस्कार की तारीख का ऐलान कर दिया है। खमेनेई की मौत के 106 दिन बाद ईरान ने बताया है कि उन्हें 9 जुलाई को दफनाया जाएगा। 28 फरवरी को एक अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में खमेनेई मारे गए थे।

अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों के तहत, पूरे देश में तीन दिनों तक चलने वाली एक शोक यात्रा भी आयोजित की जाएगी। ईरान ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब अमेरिका के साथ शांति वार्ता के आखिरी दौर में पहुंचने की खबरें आ रही हैं। माना जा रहा है कि ईरान को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ जल्द ही एक कूटनीतिक समझौता हो जाएगा, इसीलिए उसने खमेनेई के अंतिम संस्कार की तारीख का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है।
इतने दिनों तक अंतिम संस्कार में देरी की वजह सुरक्षा बताई जा रही है। आशंका थी कि अंतिम संस्कार के दौरान हमला हो सकता है। खमेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, ऐसे में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी। आयतुल्लाह अली खमेनेई की मौत के बाद, उनके बेटे मुज्तबा खमेनेई को 8 मार्च को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था।
क्या सामने आएंगे नए सर्वोच्च नेता?
आयतुल्लाह अली खमेनेई ईरान के आधुनिक इतिहास के एक कद्दावर नेता थे। 28 फरवरी को उनकी मौत इस जंग में ईरान के लिए सबसे बड़ा नुकसान थी। 4 जुलाई से तेहरान, कोम और मशहद में शोक यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके बाद 9 जुलाई को शिया इमाम, इमाम रिजा की दरगाह, जो मशहद में है, वहीं उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
पहले कहा गया था कि अंतिम संस्कार इस महीने के बीच में होगा, लेकिन शांति समझौते में देरी के कारण ऐसा नहीं हो सका। यह पहली बार है जब ईरान ने कोई तारीख तय की है। हमले के बाद से खमेनेई की कोई तस्वीर या कोई और जानकारी सामने नहीं आई है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मौजूदा सर्वोच्च नेता मुज्तबा खमेनेई, जो हमले के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बीच, रिपोर्ट्स हैं कि नए सर्वोच्च नेता अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते पर सहमत हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं दी है।
