International Media on Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दुनिया का क्या रिएक्शन है? जानिए विदेशी मीडिया ने छात्र आंदोलन और मोदी सरकार को लेकर क्या कहा।
Dharmendra Pradhan Resignation Global Media Reactions: NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया का भी ध्यान खींचा है। BBC, The Guardian, The New York Times, CNN और Dawn जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे प्रमुखता से कवर किया। अलग-अलग संस्थानों ने इस घटनाक्रम को अपने नजरिए से देखा और सरकार, छात्र आंदोलन और भविष्य की राजनीति पर कई बातें लिखीं। आइए जानते हैं विदेशी मीडिया ने इस पूरे घटनाक्रम को कैसे देखा और क्या लिखा...
पाकिस्तानी अखबार द डॉन ने कॉकरोच की ऐतिहासिक जीत बताया
पाकिस्तान के अखबार डॉन (Dawn) ने इसे अपनी टॉप स्टोरी बनाया। डॉन ने लिखा कि परीक्षा के पेपर लीक होने से शुरू हुआ यह मामला देखते ही देखते भारत का सबसे बड़ा जनआंदोलन बन गया। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जंतर-मंतर पर सोमवार को पुलिस ने लाठियां चलाई थीं, शनिवार को इस्तीफे की खबर आते ही वहीं पर लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं, 'जय हिंद' के नारे लगाए और लाउडस्पीकर पर राष्ट्रगान बजाकर जश्न मनाया।
BBC ने क्या लिखा
ब्रिटेन के मशहूर न्यूज नेटवर्क BBC का कहना है कि साल 2014 के बाद से मोदी सरकार का रिकॉर्ड रहा है कि वो विरोध प्रदर्शनों के आगे जल्दी नहीं झुकती। इससे पहले सिर्फ किसान आंदोलन के टाइम पर तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। बीबीसी ने लिखा, 'सरकार ने इस बार छात्रों के गुस्से का सही अंदाजा नहीं लगाया। शुरुआत में कई हफ्तों तक इस धरने को इग्नोर किया गया। लेकिन जैसे ही संसद की तरफ बढ़ रहे छात्रों पर पुलिस ने सख्ती दिखाई, पूरा देश भड़क गया और सरकार के पास मंत्री से इस्तीफा लेने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा।'
The Guardian ने लिखा- '12 साल में पहली बार हुआ ऐसा'
ब्रिटेन के ही एक और बड़े अखबार द गार्डियन (The Guardian) ने इस इस्तीफे को ऐतिहासिक बताया है। रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के 12 साल के शासनकाल में यह पहला मौका है, जब पब्लिक के भारी दबाव में प्रधानमंत्री के इतने करीबी और भरोसेमंद मंत्री को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी है। गार्डियन के मुताबिक, जैसे ही दिल्ली में जंतर-मंतर पर बैठे CJP के हजारों समर्थकों को इस्तीफे की खबर मिली, वहां जश्न शुरू हो गया। छात्रों ने इसे अपनी जवाबदेही की मांग की सबसे बड़ी जीत बताया।
CNN ने लिखा- 'एक मीम ने हिला दी पूरी सरकार'
अमेरिकी न्यूज चैनल CNN ने इसे युवाओं की बेरोजगारी और उनके गुस्से से जोड़कर देखा है। CNN का कहना है कि जो कहानी इंटरनेट पर एक मजाक और 'मीम' (Meme) के तौर पर शुरू हुई थी, उसने देश के लाखों नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को एक साथ ला खड़ा किया। सीएनएन ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट का भी जिक्र करते हुए लिखा, 'भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, जहां 15 से 29 साल के 36 करोड़ से ज्यादा यूथ हैं। देश में 25 साल से कम उम्र के करीब 40% ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। पढ़ाई के बाद नौकरी न मिलना ही इस पूरे आंदोलन की सबसे बड़ी जड़ बनी।'
New York Times ने क्या लिखा?
अमेरिका के टॉप अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने इस पूरे मामले के पीछे के 'अहंकार' पर चोट की है। अखबार ने याद दिलाया कि कैसे शुरुआत में शिक्षा मंत्री इस आंदोलन को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। NYT ने लिखा, 'जून में एक इंटरव्यू के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने इन छात्र प्रदर्शनकारियों को 'आतंकवादियों की बी-टीम' तक कह दिया था। खुद को 'कॉकरोच' कहने वाले इन छात्रों का गुस्सा इसके बाद और भड़क गया और यह आंदोलन देश के कई शहरों में फैल गया। अब इस इस्तीफे के बाद छात्रों का हौसला और बढ़ेगा।'


