Published : Jul 08, 2020, 10:14 AM ISTUpdated : Jul 08, 2020, 01:52 PM IST
हटके डेस्क: कहते हैं, डूबते को तिनके का सहारा काफी होता है। पूरी दुनिया अभी कोरोना से जंग लड़ रही है। इस जानलेवा वायरस ने दुनिया के हर देश में अपना आतंक मचा रखा है। हर तरफ इससे संक्रमित लोग मौत का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। अमेरिका जैसे ताकतवर देश को भी इस वायरस ने घुटनों पर ला दिया। कई देश इसका वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया में जुटे हैं, लेकिन अभी तक कहीं से भी कोई खुशखबरी नहीं आई है। इस बीच ब्राज़ील से एक बड़ी खबर सामने आई। एड्स, जिसे अभी तक लाइलाज वायरस माना जाता था, डॉक्टर्स का कहना है कि उन्होंने इसका इलाज ढूंढ लिया है। इस वायरस को मात देने वाले व्यक्ति ने लगातार एक साल दवाइयों के जरिये इस वायरस को मात दी है। इस खबर के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जैसे एड्स जैसी लाइलाज बीमारी का इलाज मिल सकता है, तो फिर कोरोना को लेकर नाउम्मीद नहीं हो सकते।
ब्राज़ील में रहने वाले 30 साल के HIV पॉजिटिव शख्स ने इस जानलेवा वायरस को हराने में सफलता पाई है। इसके बाद अब दुनिया में लाखों HIV पॉजिटिव मरीजों के लिए उम्मीद जाग गई है।
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ये पहला मामला है जब किसी HIV पॉजिटिव मरीज के ठीक होने की खबर सामने आई है। वो भी दवाइयों से।
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डॉक्टर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेशेंट को साओ पाओलो पेशेंट नाम दिया गया है। इसे एड्स की दवाई का इंटेंस कॉकटेल दिया गया था, जिसे आर्ट नाम दिया गया है।
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इसके साथ ही मरीज को नोकोटिनामाइड नाम की दवाई दी गई थी, जो विटामिन बी3 का मुख्य सोर्स है। बताया जा रहा है कि इस शख्स के अलावा दो अन्य लोगों को भी एड्स की ये दवा दी गई थी, जिसका पॉजिटिव रिजल्ट देखने को मिला।
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हालंकि, एड्स से मुक्त हुए बाकी दो मरीजों का बोन मेरो ट्रांसप्लांट भी हुआ था। लेकिन जिस मेन पेशेंट का जिक्र डॉक्टर्स कर रहे, उसने सिर्फ दवाइयों से इस वायरस को मात दी है।
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जानकारी के मुताबिक, इस शख्स को 2012 में HIV हुआ था। और बीते 48 हफ़्तों से वो दी गई दवाइयां ले रहा था। इसके एक साल बाद ही जब उसका HIV टेस्ट हुआ तो रिपोर्ट्स निगेटिव आईं।
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साओ पाओलो हॉस्पिटल के डॉक्टर रिकार्डो दिआज़ के मुताबिक, अभी तक उन्हें मरीज की बॉडी में HIV इन्फेक्टेड सेल्स नहीं मिले हैं। ये वाकई खुशखबरी है।
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इस दावे के बाद दुनिया के कई रिसर्चर्स ने इसपर प्रतिक्रिया दी है। इटली के कई रिसर्चर्स ने इस मामले पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिसे लाइलाज समझ सबने हाथ खड़े कर दिए थे, अगर उसका इलाज संभव है तो कुछ भी संभव है।
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हालांकि, यही दवा चार अन्य मरीजों को भी दी गई थी। लेकिन अभी तक उनकी बॉडी पर इसका कोई पॉजिटिव इफेक्ट नहीं पड़ा। ऐसे में डॉक्टर्स अभी इसे लेकर कुछ भी स्पष्ट तौर पर बोलने से बच रहे हैं। हालांकि, उन्हें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही वो दुनिया के सामने खुशखबरी पेश करेंगे।
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