Published : May 06, 2020, 12:22 PM ISTUpdated : May 06, 2020, 02:41 PM IST
हटके डेस्क: कोरोना वायरस का कहर हर तरह देखा जा रहा है। दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश हो, जहां इस वायरस ने अभी तक आतंक नहीं मचाया है। इस बीच अमेरिका, यूके, इटली जैसे संपन्न देशों ने इस वायरस के सामने घुटने तक दिए। तो जरा उन देशों की कल्पना कीजिये, जहां गरीबी के कारण मेडिकल सुविधाएं ना के बराबर है। इन देशों में तो कोरोना ने वो स्थिति पैदा कर दी है, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। हम बात कर रहे हैं इक्वाडोर की। लैटिन अमेरिका के इस देश को गरीब देशों में गिना जाता है। अभी तक इस देश में संक्रमितों की कुल संख्या 32 हजार है जबकि मरने वालों की संख्या 16 सौ रिकॉर्ड की गई है। लेकिन भारत की राजधानी से भी कम जन्ख्या वाले इस देश में कोरोना ने जो कहर बरपाया है, उसे देख रूह कांप जाएगी।
इक्वाडोर में कोरोना के कारण हुई मौतों के बाद कब्रिस्तान भर चुके हैं। जहां अभी भी जगह बाकी है, वहां लाशों को दफनाने के लिए लंबी कतार लगी है।
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इन कतारों में खड़े कई लोगों ने बताया कि इनमें से कई लोग 10 दिनों से प्रतीक्षा में हैं। ऐसे में लाशें वहीं सड़ रही है।
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कई लोगों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनके रिश्तेदारों की मौत कोरोना से घर पर हो गई है। लेकिन पुलिस को सुचना देने के तीन-चार दिन बाद तक कोई लाश लेने नहीं आ रहा। इस कारण लाश सड़ने लगे हैं।
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हर मोहल्ले में सड़ती लाशों के कारण तेज बदबू फ़ैल गई है। हालत ऐसी हो गई है कि लोग परिजनों की मौत के बाद उनकी लाशें सड़कों पर फेंक दे रहे हैं।
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अस्पताल में संक्रमितों के इलाज के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में घर पर ही संक्रमित दम तोड़ रहे हैं। कब्रिस्तान भरे होने के कारण उनकी लाशों का अंतिम संस्कार भी नहीं हो पा रहा है।
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इक्वाडोर से ऐसे कई वीडियोज सामने आए, जिनमें लोग कार से लाशों को प्लास्टिक में लपेट कर सड़क पर फेंकते नजर आए।
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इस देश में लकड़ी के ताबूत भी खत्म हो गए हैं। जो हैं, वो काफी महंगे हैं। इस कारण गरीब परिवार अब कागज़ के ताबूत बनाकर लाशों को दफना रहे हैं।
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1 करोड़ 76 लाख लोगों की जनसंख्या वाले इस देश में कोरोना की वजह से हो रही मौतें काफी वीभत्स हालात पैदा कर चुके हैं।
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इक्वाडोर के एक अस्पताल से शॉकिंग तस्वीर सामने आई थी, जहां बाथरूम में कोरोना से मरे लोगों की लाशें रखी गई थीं। क्यूंकि अस्पताल के मुर्दाघर भर चुके हैं।
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साथ ही जिन बेड्स पर कोरोना संक्रमितों की मौत हुई, उसी पर दूसरे मरीजों का इलाज किया जा रहा है क्यूंकि बेड्स की कमी है।
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हालात ऐसे हो गए हैं कि अस्पताल में दूसरी बीमारी से ग्रस्त लोगों को घर भेज दिया गया, ताकि कोरोना मरीजों के लिए बेड मौजूद रहे।
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