Published : May 09, 2020, 11:20 AM ISTUpdated : May 09, 2020, 07:23 PM IST
हटके डेस्क। कोरोना महामारी का कहर पूरी दुनिया में फैला है। दुनिया भर में इससे 39 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 2.70 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में इससे 75 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना से दुनिया के छोटे-बड़े तमाम देश प्रभावित हैं। इसे लेकर ज्यादातर देशों में लॉकडाउन लगा दिए जाने से इंडस्ट्री, बिजनेस और एग्रीकल्चर पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है। आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं। कोरोना का संकट कब तक बना रहेगा, इसके बारे में निश्चित रूप से कोई कुछ नहीं कह सकता। कोरोना की मार गरीब देशों पर ज्यादा पड़ने वाली है। यूनाइटेड नेशन्स ने यह चेतावनी जारी की है कि कोरोना महामारी की वजह से बहुत बड़ा अकाल पड़ सकता है, जिससे दुनिया की काफी आबादी प्रभावित होगी। यूनाइटेड नेशन्स का कहना है कि कई देशों में अनाज की कमी हो सकती है और खाद्य असुरक्षा बढ़ सकती है। यूएन ने लोगों को भूखों मरने से बचाने के लिए 4.7 बिलियन डॉलर ( करीब 3,55,01,45,00,000 रुपए) के फंड की जरूरत बताई है। यूनाइटेड नेशन्स के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डेविड बीसले ने गुरुवार को जेनेवा में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में कहा कि आने वाले दिनों में इस महामारी की वजह से कई देशों में भीषण अकाल पड़ सकते हैं। इससे एशिया और अफ्रीका के देश ज्यादा प्रभावित होंगे। बीसले ने कहा कि यूनाइटेड नेशन्स के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के तहत रोज 10 करोड़ लोगों को भोजन मुहैया कराया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों के हेल्थ से जुड़ी यह महामारी जल्दी भूख की महामारी में बदल सकती है। हालात 1930 की महामंदी 'द ग्रेट डिप्रेशन' से भी खराब हो सकते हैं। देखें इससे जुड़ी तस्वीरें।
साउथ अफ्रीका की राजधानी जोहान्सबर्ग के एक लोकल मार्केट में मास्क पहन कर फल और सब्जियां बेचती महिलाएं। कोरोना महामारी से अफ्रीका और एशिया के गरीब देशों में अकाल पड़ने की संभवाना जताई गई है।
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दुनिया के दूसरे देशों के साथ ही अफ्रीका के देशों में भी आर्तिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं, जबकि वहां की इकोनॉमी पहले से ही कमजोर हालत में है।
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एक अफ्रीकी देश में कोरोना से संबंधित जांच-पड़ताल करते हुए मेडिकल स्टाफ।
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यूएन के मुताबिक, अफ्रीकी देशों में हालात ज्यादा खराब हो सकते हैं और वहां के लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है।
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यूएन ने भारत की हालत भी कोई अच्छी नहीं बताई है। इस संगठन का कहना है कि कोरोना की वजह से भारत में आर्थिक संकट काफी बढ़ सकता है और लोगों को अकाल का सामना करना पड़ सकता है।
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यूएन के मुताबिक, कोरोना की वजह से भारत में लोगों को रोजगार के भीषण संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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यूएन का कहना है कि अफ्रीकी देश पहले से ही आर्थिक संकट और भुखमरी का सामना कर रहे हैं। कोरोना की वजह से उनकी ये परेशानी कई गुना ज्यादा बढ़ सकती है।
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अफ्रीकी देशों में कोरोना से निपटने के लिए सही तरह से इंतजाम कर पाना मुश्किल साबित हो रहा है। जरूरी चीजों को हासिल करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है और ये सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं कर पाते हैं।
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अफ्रीकी देश पहले से ही भुखमरी और अनाज के संकट का सामना कर रहे हैं। कोरोना की वजह से यह संकट और भी बढ़ने वाला है। यूएन का कहना है कि लोगों को भुखमरी से बचाने के लिए उसे ज्यादा फंड की जरूरत होगी।
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अफ्रीकी देशों में समय-समय पर अकाल पड़ता ही रहता है। ऐसी हालत में वहां काफी लोग भूख से मर जाते हैं। एक अफ्रीकी देश में अकाल की एक पुरानी तस्वीर।
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कोरोना महामारी के साथ पहले से चला आ रहा जलवायु संकट भी लोगों की समस्याओं को बढ़ाएगा।
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अफ्रीका के कई देशों में सिविल वॉर और तरह-तरह की समस्याओं के चलते एग्रीकल्चर लगातार पिछड़ता चला जा रहा है। ज्यादातर अफ्रीकी देशों में उद्योग धंधों की हालत अच्छी नहीं है। ऐसे में, उन देशों में अकाल पड़ना तय है।
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