दावा:ये है दुनिया की तबाही की फाइनल डेट! तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहे खतरे की तस्वीरें भी आ गई सामने

Published : Oct 29, 2020, 10:33 AM ISTUpdated : Oct 29, 2020, 10:49 AM IST

हटके डेस्क: दुनिया में एक पृथ्वी है, जिसपर अभी तक जीवन के निशान मिले हैं। इस ग्रह पर कई तरह के जीव और इंसान साथ रहते हैं। सदियों से वैज्ञानिक अन्य ग्रहों पर जीवन की तलाश कर रहे हैं लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है। हालांकि, बीच में कई बार पृथ्वी के खत्म होने की खबरें जरूर सामने आती रहती हैं। साल 2020 में माया कैलेंडर के तहत अप्रैल में दुनिया के खत्म होने की भविष्यवाणी की गई थी। लेकिन आखिरकार ये गलत साबित हुई। अब एक्सपर्ट्स ने उस डेट की घोषणा की है, जिस दिन पृथ्वी से एक ऐसा उल्कापिंड टकराएगा जिसके बाद दुनिया के बचने की कोई संभावना नहीं बचेगी। सबसे शॉकिंग बात तो ये है कि उल्कापिंड ने पृथ्वी की तरफ बढ़ना शुरू भी कर दिया है। एक्सपर्ट्स ने उस डेट की भी घोषणा कर दी है, जिस दिन ये उल्कापिंड पृथ्वी से टकराएगा। तो आइये बताते हैं आपको भी आखिर किस दिन है पृथ्वी की समाप्ति की डेट.... 

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दावा:ये है दुनिया की तबाही की फाइनल डेट! तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहे खतरे की तस्वीरें भी आ गई सामने

यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के एस्ट्रोनॉमर्स ने घोषणा की है एक विशालकाय उल्कापिंड तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है। इस उल्कापिंड का नाम एपोफिस (Apophis) है। एस्ट्रोनॉमर्स ने इस बात की पुष्टि की है कि एपोफिस के पृथ्वी की तरफ बढ़ने की स्पीड काफी ज्यादा है। 

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इस खोज से पहले एपोफिस का पृथ्वी से टकराने का कोई चांस नहीं था लेकिन नए निष्कर्षों से पता चलता है कि ये उल्कापिंड 12 अप्रैल, 2068 को पृथ्वी से टकराएगा और सबसे बड़ी बात कि यह विनाशकारी हो सकता है। उल्कापिंड टकराएगा जिसके बाद दुनिया के बचने की कोई संभावना नहीं बचेगी।
 

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एपोफिस 1,000 फीट से अधिक चौड़ा है और एक बार में 880 मिलियन टन ट्रिनिट्रोटोलुइन (टीएनटी) के विस्फोट के बराबर प्रभाव होगा। यानी अगर ये पृथ्वी से टकराया तो बचने की कोई संभावना नहीं है। 

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एपोफिस की खोज 19 जून, 2004 को खगोलविदों द्वारा एरिज़ोना में किट पीक नेशनल ऑब्जर्वेटरी में की गई थी। तब से इसे ट्रैक किया जा रहा था। वैज्ञानिको को शक था कि आगे जाकर ये पृथ्वी के लिए खतरा बन सकता है। 

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शोधकर्ताओं ने इस साल की शुरुआत में सुबारू टेलीस्कोप के साथ एफोफिस को देखा और यह निर्धारित किया कि अब इसने गति पकड़ ली है, जिसे यार्कोवस्की प्रभाव के रूप में जाना जाता है। यानी पहले इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना नहीं थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। 

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इस टीम में शामिल खगोलविदों में से एक डेव थोलेन ने कहा: 'इस साल की शुरुआत में सुबारू दूरबीन के साथ हमें जो नई फोटोज मिलीं, वे एपोफिस के यारकोव्स्की त्वरण को प्रकट करने के लिए काफी अच्छी थीं। उन्होंने बताया कि ये उल्कापिंड 2068 तक पृथ्वी से टकरा जाएगा। 

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जब एपोफिस को पहली बार खोजा गया था, तब विशेषज्ञों ने कहा था कि ये 2029 में पृथ्वी से टकरा सकता है लेकिन अब डेटा से पता चलता है कि यह सुरक्षित रूप से पृथ्वी के 19,794 मील के भीतर से गुजर जाएगा।

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इस उल्कापिंड में निकेल और लोहा भरा है और रडार की छवियां बताती हैं कि यह दो पालियों के साथ लम्बी है, जिससे यह मूंगफली जैसा दिखता है। डेटा का अनुमान है कि इसके डेढ़ लाख में एक बार 48 वर्षों में पृथ्वी से टकराने की संभावना है। 
 

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