Published : Jan 04, 2021, 09:56 AM ISTUpdated : Jan 04, 2021, 11:55 AM IST
कोरोना ने सारी दुनिया पर बुरा असर डाला है। लोगों के रोजगार जाते रहे और गरीबों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया। अमेरिका की सबसे बड़ी भूख राहत संस्था फीडिंग अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय हर छठवां अमेरिकी भूख से परेशान है। बच्चों के मामले में हालात और दु:खद हैं। हर चौथा अमेरिकी बच्चा भूख से बिलबिला रहा है। बता दें कि फीडिंग अमेरिका नेटवर्क ने पिछले महीने 54.8 करोड़ खाने के पैकेट बांटे थे। कोरोना से पहले पैकेट की संख्या 52% कम थी। आइए अब जानते हैं दुनिया के 10 सबसे गरीब देशों के बारे में। दुनिया में गरीबी में नंबर-1 पर हैती। यह लैटिन अमेरिका का पहला स्वतंत्र देश है। यह अमेरिका का इकलौता फ्रांसीसी भाषी देश है। आगे पढ़िए हैती के बारे में...
हैती के लोग कृषि पर निर्भर हैं। कहने को यहां खनिज सोना, चांदी और तांबे की खदानें हैं, लेकिन खाने के लिए फिर भी लोगों को लाले पड़े रहते हैं। अमेरिका ने यहां पर्यटन उद्योग विकसित किया है, बावजूद यहां प्रति व्यक्ति आय लैटिन अमरीकी देशों की तुलना में कम है।
जनसंख्या-1.11 करोड़(2018)
77% लोग गरीब
210
यह मध्य प्रदेश अफ्रीका में स्थित एक देश है। जनसंख्या की दृष्टि से महाद्वीपीय अफ्रीका में सबसे छोटा देश है। यहां पेट्रोलियम भंडार मिलने के बाद आर्थिक और राजनीतिक स्थितियां बदल रही हैं।
जनसंख्या 13.1 लाख (2018)
76.8% लोग गरीब
310
इसे पहले दक्षिण रोडेशिया, रोडेशिया, रोडेशिया गणराज्य और जिम्बाब्वे रोडेशिया के नाम से जाना जाता था। इसकी स्थापना 1901 में हुई थी। हालांकि इसे स्वतंत्र गणराज्य की मान्यता 1980 में मिली।
जनसंख्या 1.44 करोड़(2018)
72% लोग गरीब
410
क्षेत्रफल के हिसाब से यह अफ्रीका महाद्वीप का तीसरा सबसे बड़ा देश है। इसका नाम कांगो नदी पर पड़ा है। यह फ्रांसीसी भाषा बोलने वाला सबसे बड़ी आबादी वाला देश है।
जनसंख्या 8 करोड़ (2018)
71.3% लोग गरीब
510
इसका आधिकारिक नाम किंगडम ऑफ स्वाजीलैंड है। यह अफ्रीका के सबसे छोटे देशों में एक है। यहां की आबादी एड्स और तपेदिक जैसी बीमारियों से जूझती रही है। यहां के लोगों की औसत आयु 50 साल है। यहां के लोग कृषि पर निर्भर हैं।
जनसंख्या 11 लाख (2016)
69.2% लोग गरीब
610
इस देश की राजधानी असमारा है। यह देश 1,18000 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला एक छोटा देश है। यह देश 1941 में इटली से स्वतंत्र हुआ था।
जनसंख्या 58 लाख (2018)
69% लोग गरीब
710
यह देश 150 साल पहले अफ्रीका से अलग हो चुका था। यहां एक समय तक सिर्फ डाकुओं का राज़ था। 19वीं शताब्दी के अंत में फ्रांस ने इसे अपना उपनिवेश बना लिया था।
जनसंख्या 2.63 करोड़ (2018)
68.7% लोग गरीब
810
यहां 1993 से 2005 तक जनजातीय संघर्ष चलता रहा। इस वजह से 2 लाख से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई। इसके बाद राजनीतिक स्थिरता आई। इसकी सीमाएं उत्तर में रवांडा, दक्षिण और पूर्व में तंजानिया और पश्चिम में कांगो से मिलती हैं।
जनसंख्या 1.1 करोड़ (2018)
66.9% लोग गरीब
910
इसका कुल क्षेत्रफल 71,740 वर्ग किमी है। यहां गर्मी अधिक पड़ती है। इसके उत्तर-पूर्व में गिनी, दक्षिण-पूर्व में लाईबेरिया और दक्षिण-पश्चिम में अंध महासागर हैं।
जनसंख्या 70.75 लाख (2018)
66.4% लोग गरीब
1010
ये दोनों द्वीप कैमरून ज्वालामुखी पर्वत श्रृंखला का हिस्सा हैं। यहां खूबसूरत समुद्र तट हैं। यहां के लोग कृषि और वन्य उत्पादन पर निर्भर हैं।
जनसंख्या 20 हजार (2018)
66.2% लोग गरीब
वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News